
पिछोर/ रानू परिहार: शिवपुरी जिले के पिछोर अनुविभाग के ग्राम खुरई में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला सामने आया है। घटना 19 अगस्त 2026 की देर रात की बताई जा रही है। बुधवार सुबह प्रतिमा की हालत देखकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। सूचना मिलते ही सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी समेत प्रतिमा की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
सुबह प्रतिमा क्षतिग्रस्त मिली तो मचा हड़कंप
ग्राम खुरई के मुख्य सार्वजनिक स्थल पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित है। ग्रामीणों के मुताबिक मंगलवार रात तक प्रतिमा सुरक्षित थी। बुधवार सुबह जब लोग खेतों की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने प्रतिमा को क्षतिग्रस्त हालत में देखा। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रतिमा के चेहरे और हाथ के हिस्से को नुकसान पहुंचाया गया है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि किसी भारी वस्तु से प्रतिमा पर वार किया गया होगा। हालांकि प्रतिमा को किसने और किन परिस्थितियों में क्षतिग्रस्त किया, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
घटना के बाद गांव के वरिष्ठ नागरिकों, युवाओं और महिलाओं में भी नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश बताया। उनका कहना है कि डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा गांव के लिए सम्मान और प्रेरणा का केंद्र है। यहां हर वर्ष 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती और 6 दिसंबर को महापरिनिर्वाण दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटना सिर्फ प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे गांव के शांतिपूर्ण माहौल पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से मामले में तेजी से कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने रखीं चार प्रमुख मांगें
आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें अज्ञात आरोपी की 24 घंटे के भीतर पहचान कर गिरफ्तारी, क्षतिग्रस्त प्रतिमा की तत्काल मरम्मत, गांव में पुलिस गश्त बढ़ाना और प्रतिमा स्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाना शामिल है।
ग्रामीणों ने कहा कि प्रतिमा की मरम्मत कर उसे सम्मानपूर्वक पूर्व स्वरूप में स्थापित किया जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की जाए।
कुछ ग्रामीणों ने कार्रवाई में देरी होने पर पिछोर-शिवपुरी मुख्य मार्ग पर चक्काजाम की चेतावनी भी दी है। हालांकि वरिष्ठ ग्रामीणों और पुलिस की समझाइश के बाद फिलहाल स्थिति शांत बनी हुई है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पिछोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर आवश्यक साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और संभावित संदिग्धों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाल रही है। हालांकि ग्रामीणों के अनुसार प्रतिमा स्थल पर सीधे कोई कैमरा नहीं लगा है, जिसके चलते आरोपी की पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की जा रही है। दोषी की पहचान होने के बाद उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गांव का माहौल बिगाड़ने की कोशिश का आरोप
ग्रामीणों के मुताबिक खुरई में अलग-अलग वर्गों के लोग लंबे समय से मिलजुलकर रहते आए हैं। गांव में सामाजिक सौहार्द का माहौल रहा है। ऐसे में प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की घटना ने लोगों को चिंतित कर दिया है।
गांव के बुजुर्गों ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में इस तरह की घटना पहले नहीं देखी। ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाते हुए कहा कि वे किसी भी कीमत पर गांव की शांति और भाईचारे को प्रभावित नहीं होने देंगे।
‘डॉ. आंबेडकर का अपमान बर्दाश्त नहीं’
मौके पर मौजूद युवाओं ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल किसी एक समाज के नेता नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण व्यक्तित्व हैं। उन्होंने संविधान निर्माण में अहम भूमिका निभाई और समानता एवं सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को मजबूत आधार दिया।
ग्रामीणों और महिलाओं ने भी घटना की निंदा करते हुए दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि आरोपी की जल्द गिरफ्तारी से ही लोगों का आक्रोश शांत होगा।
पुलिस और प्रशासन अलर्ट
घटना की गंभीरता को देखते हुए पिछोर एसडीएम और एसडीओपी ने भी मामले को संज्ञान में लिया है। प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।
पुलिस अधीक्षक शिवपुरी की ओर से भी पिछोर थाना प्रभारी को मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार गांव के कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है और आसपास उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
दी गई जानकारी के अनुसार पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। साथ ही अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।
सामाजिक संगठनों ने भी जताया विरोध
घटना की जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की ओर से भी नाराजगी जताई गई है। भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने खुरई पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की और प्रशासन से जल्द आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की।
संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी की गिरफ्तारी में देरी हुई तो जिला स्तर पर प्रदर्शन किया जा सकता है। वहीं प्रशासन ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने की शांति बनाए रखने की अपील
फिलहाल पुलिस की मौजूदगी और निगरानी के बीच गांव में स्थिति नियंत्रण में है। प्रशासन ने ग्रामीणों से किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा नहीं करने और कानून हाथ में नहीं लेने की अपील की है।
प्रतिमा की मरम्मत के लिए संबंधित ग्राम पंचायत और नगर निकाय को भी निर्देश दिए गए हैं। अब पुलिस जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घटना के पीछे कौन है और प्रतिमा को किन परिस्थितियों में नुकसान पहुंचाया गया।
खुरई की इस घटना ने पूरे पिछोर क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों की नजर अब पुलिस की जांच और आरोपी की गिरफ्तारी पर टिकी हुई है।
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