
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में पट्टी कोतवाली में युवक अर्जुन गौतम की मौत के बाद मामला गरमा गया है। परिवार ने अंतिम संस्कार करने से इनकार करते हुए आर्थिक मदद, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और जमीन समेत कई मांगें रखी हैं। वहीं मंगलवार को अधिवक्ताओं ने तहसील और रजिस्ट्री कार्यालय में तालाबंदी कर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कोतवाली के वॉशरूम में मिला था शव
पट्टी कोतवाली के मोलनापुर निवासी 22 वर्षीय अर्जुन गौतम को किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाया गया था। सोमवार को पूछताछ के दौरान उसने कोतवाली परिसर के वॉशरूम में कथित तौर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार दरवाजा बंद मिलने के बाद उसे खोलने पर अर्जुन फंदे से लटका मिला था।
घटना के बाद अर्जुन के परिजनों ने पुलिस पर मारपीट कर हत्या करने और आत्महत्या का रूप देने का आरोप लगाया। पुलिस अधिकारियों ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
परिवार ने रखीं कई मांगें
अर्जुन की मौत के बाद परिवार ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिजन शव को घर पर रखकर 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और जमीन देने की मांग कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी परिवार को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
अर्जुन के पिता लल्लू राम ने मंगलवार को किशोरी के पिता, उसके भाई और एक अज्ञात पुलिसकर्मी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को साजिश के तहत कोतवाली में मार दिया गया और घटना को आत्महत्या का रूप दिया गया। ये आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं।
वकीलों का भी फूटा गुस्सा
घटना के विरोध में पट्टी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील के मुख्य गेट पर पहुंचे। वकीलों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने तहसील और रजिस्ट्री कार्यालय बंद करा दिए, जिससे प्रशासनिक और न्यायिक कामकाज प्रभावित हुआ। बाद में वकील कोतवाली के बाहर भी पहुंच गए। पुलिस ने एहतियात के तौर पर कोतवाली के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया था, जिसे बाद में खोल दिया गया।
दो पुलिसकर्मी पहले ही निलंबित
इस मामले में लापरवाही के आरोप में पट्टी कोतवाल आनंद पाल सिंह और विवेचक एसआई ओंकार सिंह को निलंबित किया जा चुका है। विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार के अनुसार, घटना की जांच चल रही है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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