
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित कोतवाली थाना क्षेत्र के साउथ मलाका (हिवेट रोड) में मंगलवार को एक ही परिवार के तीन सदस्यों के शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मामले की भयावहता तब और बढ़ गई जब पुलिस को घटनास्थल पर ही एक अज्ञात व्यक्ति का शव और मिला। मृतकों के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे पुलिस इसे सुनियोजित हत्या मानकर जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
मंगलवार दोपहर मकान की ऊपरी मंजिल से आ रही तेज दुर्गंध ने पड़ोसियों को परेशान कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब ऊपरी मंजिल का ताला तोड़कर प्रवेश किया, तो वहां 70 वर्षीय व्यवसायी वीरेंद्र वैश्य, उनकी पत्नी अंकिता वैश्य और 45 वर्षीय बेटी मीनाक्षी वैश्य के शव अलग-अलग कमरों में पड़े मिले। वीरेंद्र वैश्य ने अपने मकान के निचले हिस्से में 13 दुकानें किराए पर दे रखी थीं, जिनमें से एक बंद दुकान से पुलिस को एक चौथे व्यक्ति का शव भी मिला, जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।
लापता बेटे की तलाश में जुटी पुलिस
मृतक वीरेंद्र वैश्य का इकलौता बेटा अभिषेक वैश्य पिछले 3-4 दिनों से लापता बताया जा रहा है। पड़ोसियों के अनुसार, वह फ्लोर क्लीनिंग का व्यवसाय करता था। उसकी संदिग्ध गुमशुदगी के कारण पुलिस की जांच का मुख्य केंद्र अभिषेक की भूमिका पर टिका है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं और विभिन्न संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
जांच के घेरे में संपत्ति विवाद और अन्य पहलू
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार और एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा समेत आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। डीसीपी नगर मनीष कुमार शांडिल्य ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सिर पर चोट के निशान मिले हैं। पुलिस संपत्ति विवाद, पारिवारिक कलह और अन्य सभी संभावित एंगल से बारीकी से जांच कर रही है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हत्यारों तक पहुंचा जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों और समय की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
ये भी पढ़े – योगी सरकार का बड़ा तोहफा: रसोइयों और विद्यालयी कर्मियों को मिलेगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा
- prayagraj-four-bodies-found-in-prayagraj-house










