
खजुराहो/ परशुराम रायकवार: विश्व प्रसिद्ध खजुराहो पश्चिमी समूह मंदिर में आयोजित योग महोत्सव 2026 के दौरान वीवीआईपी एंट्री को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव को निकास द्वार से प्रवेश दिलाने के दौरान “EXIT GATE” बोर्ड को ढकने की कोशिश की गई।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद भारतीय पुरातत्व विभाग की कार्यप्रणाली और नियमों के पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
वीआईपी संस्कृति पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों और पर्यटकों का कहना है कि आम पर्यटकों को नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाता है। निकास द्वार की ओर जाने पर सुरक्षा कर्मी तुरंत रोक देते हैं और कई बार खाने-पीने का सामान भी अंदर ले जाने नहीं दिया जाता।
लेकिन आरोप है कि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान नियमों में ढील दी गई और बोर्ड तक को ढकने का प्रयास किया गया। अब सवाल उठ रहे हैं कि यदि प्रवेश पूरी तरह नियमों के तहत था तो निकास द्वार का बोर्ड छिपाने की जरूरत क्यों पड़ी।
मामले को लेकर भारतीय पुरातत्व विभाग की भूमिका पर भी चर्चा तेज हो गई है। लोग मांग कर रहे हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
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- Questions raised over VVIP entry during Yoga Festival in Khajuraho








