
रामनगर, मैहर, 6 अक्टूबर 2026। मैहर जिले के रामनगर क्षेत्र में कथित अवैध रेत परिवहन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक रेत से लदे भारी वाहन लगातार ग्रामीण इलाकों की सड़कों से गुजर रहे हैं। आरोप है कि इन वाहनों की आवाजाही पर जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। लगातार भारी वाहनों के चलने से ग्रामीण सड़कों को नुकसान पहुंचने और शासन को संभावित राजस्व नुकसान की चिंता भी जताई जा रही है।
रेत से लदे भारी वाहनों की आवाजाही पर उठे सवाल
स्थानीय स्तर पर सामने आए आरोपों के अनुसार रामनगर क्षेत्र में रेत से लदे वाहन बेखौफ होकर सड़कों पर चल रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में भारी वाहनों की बढ़ती आवाजाही से सड़क की स्थिति प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि इन वाहनों के पास वैध अनुमति और आवश्यक दस्तावेज हैं तो उनकी जांच सार्वजनिक रूप से क्यों नहीं की जा रही। वहीं, यदि परिवहन नियमों के विपरीत हो रहा है तो संबंधित विभागों की ओर से कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई दे रही।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि क्षेत्र से गुजर रहे सभी रेत लदे वाहनों में से कितने वाहन नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। इसके लिए खनिज विभाग और प्रशासन की जांच जरूरी है।
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विभागीय कार्रवाई और निगरानी पर सवाल
मामले में स्थानीय लोगों ने खनिज, राजस्व और प्रशासनिक अमले की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी में भारी वाहनों की आवाजाही हो रही है, लेकिन कार्रवाई सीमित दिखाई दे रही है।
स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या कुछ वाहनों के पास वैध रॉयल्टी और परिवहन दस्तावेज हैं या नहीं। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है। किसी अधिकारी या विभाग पर संरक्षण देने का आरोप भी फिलहाल प्रमाणित नहीं है।
मध्य प्रदेश में अवैध खनन और खनिज परिवहन से जुड़े मामलों में कार्रवाई का प्रावधान है। विधानसभा में भी अवैध परिवहन और खनिज संबंधी मामलों पर विभागीय कार्रवाई से जुड़े प्रश्न उठ चुके हैं।
जांच हुई तो सामने आ सकती है वास्तविक स्थिति
रामनगर क्षेत्र में रेत परिवहन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच स्थानीय लोगों ने प्रशासन से वाहनों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि परिवहन वैध है तो दस्तावेजों की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित वाहनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में मैहर प्रशासन या खनिज विभाग की ओर से इस विशेष आरोप पर कोई आधिकारिक कार्रवाई या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। इसलिए विभागीय संरक्षण अथवा अवैध परिवहन को स्थापित तथ्य के रूप में कहना जल्दबाजी होगी।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत को लेकर स्थल निरीक्षण, वाहनों की जांच और परिवहन दस्तावेजों का सत्यापन करता है या नहीं।
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