
रतलाम: सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रतलाम पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। इसी क्रम में बुधवार को यातायात पुलिस ने सैलाना रोड स्थित द सैफायर स्कूल में विशेष सड़क सुरक्षा एवं यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ को यातायात नियमों की जानकारी देने के साथ-साथ स्कूल बसों का भी विस्तृत सुरक्षा निरीक्षण किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पंद्रो तथा उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) आनंद स्वरूप सोनी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में बचपन से ही सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना तथा स्कूल वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराना था।
विद्यार्थियों को बताया सड़क सुरक्षा का महत्व
कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी यातायात कार्यवाहक निरीक्षक राजशेखर वर्मा, यातायात सूबेदार अनोखीलाल परमार एवं यातायात पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं और विद्यालय के स्टाफ से संवाद किया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समझाया कि यातायात नियम केवल कानून का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन की सुरक्षा से जुड़े हुए हैं। बच्चों को सड़क पार करते समय जेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करने, ट्रैफिक सिग्नलों का पालन करने, दोपहिया वाहन पर हमेशा हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने की सीख दी गई। साथ ही उन्हें अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को भी यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया।
स्कूल बसों का किया गया सुरक्षा निरीक्षण
जागरूकता कार्यक्रम के बाद यातायात पुलिस टीम ने विद्यालय परिसर में संचालित स्कूल बसों का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि प्रत्येक बस में सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक उपकरण उपलब्ध और कार्यशील स्थिति में हों। पुलिस ने बसों में आपातकालीन निकास द्वार, सुरक्षा हथौड़े, फर्स्ट-एड किट, अग्निशामक यंत्र, पैनिक बटन तथा अन्य सुरक्षा उपकरणों की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने उपकरणों की उपयोगिता और उनकी कार्यशील स्थिति का भी परीक्षण किया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बस चालकों को दिए सुरक्षा संबंधी निर्देश
निरीक्षण के दौरान स्कूल बस चालकों से भी विशेष संवाद किया गया। पुलिस ने उन्हें विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की हिदायत देते हुए निर्धारित गति सीमा का पालन करने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने, नशे की हालत में वाहन न चलाने तथा बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को नहीं बैठाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा सभी चालकों को यह भी समझाया गया कि बसों में उपलब्ध सुरक्षा उपकरण हमेशा कार्यशील अवस्था में रहें और आवश्यकता पड़ने पर उनका सही तरीके से उपयोग किया जा सके।
सड़क सुरक्षा को बताया सामूहिक जिम्मेदारी
रतलाम पुलिस ने कहा कि जिलेभर के स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे। इन अभियानों का उद्देश्य बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों और वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना तथा दुर्घटनाओं में कमी लाना है। पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की कि यातायात नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं और दूसरों की सुरक्षा के लिए करें। सुरक्षित यातायात व्यवस्था तभी संभव है जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझते हुए नियमों का पालन करे।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस जागरूकता एवं निरीक्षण अभियान को सफल बनाने में थाना प्रभारी यातायात कार्यवाहक निरीक्षक राजशेखर वर्मा, यातायात सूबेदार अनोखीलाल परमार, आरक्षक नरेन्द्र चौरे तथा सैनिक मोहसीन खान की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।
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