
रतलाम: पुलिस आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए आम नागरिकों की गुम हुई संपत्ति वापस दिलाने में लगातार सफलता हासिल कर रही है। इसी क्रम में थाना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने भारत सरकार के केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर पोर्टल की सहायता से गुम हुए 15 मोबाइल फोन खोजकर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए। लंबे समय बाद अपने मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने रतलाम पुलिस की सराहना करते हुए खुशी जताई।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिलेभर में गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना औद्योगिक क्षेत्र की प्रभारी निरीक्षक गायत्री सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मोबाइल गुम होने से संबंधित शिकायतों पर तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस ने CEIR पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का विश्लेषण किया और मोबाइल फोन के IMEI नंबर के आधार पर उनकी लोकेशन एवं उपयोग से संबंधित जानकारी जुटाई।
तकनीकी विश्लेषण और लगातार प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने विभिन्न स्थानों से 15 गुम मोबाइल फोन बरामद किए। इसके बाद मोबाइल फोन के वास्तविक स्वामित्व का सत्यापन किया गया तथा आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंप दिए गए। मोबाइल वापस मिलने के बाद नागरिकों ने पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के दौर में मोबाइल फोन केवल बातचीत का माध्यम नहीं बल्कि बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, महत्वपूर्ण दस्तावेज, व्यक्तिगत फोटो, संपर्क सूची और अन्य जरूरी जानकारियों का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। ऐसे में मोबाइल वापस मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है।
क्या है CEIR पोर्टल?
केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर पोर्टल भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसकी मदद से गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक किया जा सकता है और उनकी तलाश की जा सकती है। यदि किसी मोबाइल का IMEI नंबर CEIR पोर्टल पर दर्ज कर दिया जाता है तो दूसरे व्यक्ति द्वारा उसमें नया सिम लगाने पर भी तकनीकी जानकारी उपलब्ध हो जाती है, जिससे पुलिस को मोबाइल बरामद करने में सहायता मिलती है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें और CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर अपने मोबाइल के IMEI नंबर को ब्लॉक कराएं। साथ ही प्रत्येक व्यक्ति अपने मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसकी तलाश आसानी से की जा सके।
रतलाम पुलिस का कहना है कि आम नागरिकों की सुरक्षा और उनकी संपत्ति की बरामदगी के लिए आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग किया जा रहा है और भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी गायत्री सोनी, उपनिरीक्षक ध्यानसिंह सोलंकी, आरक्षक विजय पंवार, किशन वर्मा, मनीष परिहार और पवन मेहता की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।
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