रिटायरमेंट की दहलीज पर खड़े अफसर को नया प्रभार! पुलिस विभाग की इस लापरवाही ने सबको चौंकाया।

नमस्कार, आप देख रहे हैं ब्रांडवाणी समाचार। मध्य प्रदेश के पुलिस महकमे से एक ऐसी खबर सामने आ रही है, जिसने प्रशासनिक सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोचिए, अगर कोई अधिकारी इसी महीने रिटायर होने वाला हो और विभाग उसे ही अगले महीने की नई जिम्मेदारी सौंप दे, तो इसे आप क्या कहेंगे? जी हां, एक ऐसी ही बड़ी चूक होते-होते बची है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।
पुलिस विभाग के गलियारों में इन दिनों एक नोटशीट खासी चर्चा का विषय बनी हुई है। मामला एक प्रामोटी IPS अधिकारी से जुड़ा है, जो इसी महीने सेवामुक्त यानी रिटायर होने वाले हैं। दरअसल, विभाग में एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी अगले महीने लंबी छुट्टी पर जा रहे हैं। नियम के मुताबिक, उनके जाने से पहले उनका प्रभार किसी अन्य सक्षम अधिकारी को सौंपा जाना था।
हैरानी की बात यह है कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस प्रभार को सौंपने के लिए जिस अधिकारी का नाम नोटशीट में आगे बढ़ाया, वे खुद इसी महीने रिटायर हो रहे हैं। यानी जो अधिकारी अगले महीने पद पर रहेगा ही नहीं, उसे ही भविष्य की जिम्मेदारी देने की तैयारी कर ली गई थी। कहते हैं कि ‘सावधानी हटी, दुर्घटना घटी’, लेकिन यहाँ सावधानी ने विभाग की फजीहत होने से बचा लिया। इससे पहले कि इस नोटशीट पर अंतिम मुहर लगती और आधिकारिक आदेश जारी होता, एक अन्य सतर्क अधिकारी की नजर इस पर पड़ गई। मामला संज्ञान में आते ही विभाग में हड़कंप मच गया।
आनन-फानन में पुरानी नोटशीट को रोका गया और उसमें जरूरी बदलाव कर नई नोटशीट तैयार की गई। अगर समय रहते यह बड़ी मानवीय चूक पकड़ में नहीं आती, तो शासन और प्रशासन को अनावश्यक शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता। फिलहाल, इस घटना ने सचिवालय से लेकर पुलिस मुख्यालय तक चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही हुई कैसे?
ऐसी ही तमाम सटीक और अंदरूनी खबरों के लिए बने रहिए ब्रांडवाणी समाचार के साथ, भोपाल।

  • retirement-bound-officer-new-charge-police-department-negligence-controversy
gaurav singh rajput

gaurav singh rajput

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

लोकतंत्र और न्यायपालिका पर उठते सवाल, दिग्विजय सिंह के बयान से सियासी भूचाल, क्या खतरे में है जनता का जनादेश?

लोकतंत्र और न्यायपालिका पर उठते सवाल, दिग्विजय सिंह के बयान से सियासी भूचाल, क्या खतरे में है जनता का जनादेश?

डिजिटल सम्मोहन, रील्स के दौर में खोते रिश्ते और बिखरता हुआ परिवार

डिजिटल सम्मोहन, रील्स के दौर में खोते रिश्ते और बिखरता हुआ परिवार

शिक्षा का ‘डेथ वारंट’: सरकारी स्कूलों का जनाज़ा, प्राइवेट माफिया का कब्ज़ा! क्या मुफ्त राशन के बदले बच्चों का भविष्य बेच रही है जनता?

शिक्षा का ‘डेथ वारंट’: सरकारी स्कूलों का जनाज़ा, प्राइवेट माफिया का कब्ज़ा! क्या मुफ्त राशन के बदले बच्चों का भविष्य बेच रही है जनता?

मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में भाजपा का बड़ा दांव, महेश केवट को बनाया तीसरा उम्मीदवार; अब क्रॉस-वोटिंग पर टिकी नजरें

मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में भाजपा का बड़ा दांव, महेश केवट को बनाया तीसरा उम्मीदवार; अब क्रॉस-वोटिंग पर टिकी नजरें

2027 और 2029 की राजनीति पर नजर, INDIA गठबंधन की बैठक में विपक्ष ने दिखाई एकजुटता; महाबैठक में 23 दलों के 27 दिग्गज जुटे

2027 और 2029 की राजनीति पर नजर, INDIA गठबंधन की बैठक में विपक्ष ने दिखाई एकजुटता; महाबैठक में 23 दलों के 27 दिग्गज जुटे