
रीवा/ अरविंद तिवारी: जिले के खौर कोठी गांव में एक किसान द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि ढाई लाख रुपये के कर्ज के बदले जमीन गिरवी रखने की बजाय धोखे से उसकी रजिस्ट्री अपने नाम करा ली गई। लगातार न्याय नहीं मिलने और कथित धमकियों से परेशान किसान ने सुसाइड नोट लिखने के बाद फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कथित तौर पर धोखे से जमीन की रजिस्ट्री
मृतक की पहचान सुखलाल साकेत के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, आर्थिक परेशानी के चलते उन्होंने ढाई लाख रुपये उधार लिए थे और इसके बदले जमीन गिरवी रखने की बात हुई थी। आरोप है कि इस दौरान गहननामा कराने के बजाय कथित तौर पर धोखे से जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई।
शिकायत वापस लेने के लिए परिवार को लगातार धमकियां
मृतक के बेटे राकेश कुमार साकेत का आरोप है कि जमीन वापस दिलाने और न्याय की मांग को लेकर उनके पिता ने थाना, पुलिस अधीक्षक कार्यालय समेत संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका यह भी आरोप है कि शिकायत वापस लेने के लिए परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही थीं।
सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या
परिजनों का कहना है कि मानसिक तनाव और न्याय की उम्मीद खत्म होने के बाद सुखलाल साकेत ने सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।
मामला जांच में ले लिया
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामला जांच में ले लिया है। अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट, परिजनों के आरोप और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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