
रीवा/ अरविन्द तिवारी: रीवा जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम सिलपरा स्थित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान संभाग आयुक्त शैलेन्द्र सिंह ने जब चौथी और छठी कक्षा के विद्यार्थियों से हिंदी की पाठ्यपुस्तक पढ़ने को कहा, तो कई बच्चे सामान्य पाठ भी नहीं पढ़ सके। छात्रों के कमजोर शैक्षणिक स्तर पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
औचक निरीक्षण में सामने आई शिक्षा व्यवस्था की हकीकत
संभाग आयुक्त शैलेन्द्र सिंह ने विद्यालय पहुंचकर कक्षाओं का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों की पढ़ाई का स्तर परखा। उन्होंने बच्चों से पाठ्यपुस्तक पढ़वाई, लेकिन कई छात्र सामान्य हिंदी का पाठ भी नहीं पढ़ पाए। निरीक्षण के दौरान सामने आई इस स्थिति को गंभीर मानते हुए उन्होंने तत्काल जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
प्रभारी प्राचार्य सहित तीन शिक्षकों पर कार्रवाई
शिक्षण व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर संभाग आयुक्त ने प्रभारी प्राचार्य और हिंदी विषय पढ़ाने वाले तीन शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही चारों की एक-एक वार्षिक वेतनवृद्धि रोकने के आदेश भी दिए गए।
सुधार नहीं हुआ तो सेवा समाप्ति तक की चेतावनी
संभाग आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों के भविष्य से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगले निरीक्षण तक पढ़ाई के स्तर में अपेक्षित सुधार नहीं मिला, तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ सेवा समाप्ति जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है। साथ ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विद्यालयों की नियमित निगरानी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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