
टीकमगढ़/दित्यपाल राजपूत की रिपोर्ट: मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह विभाग, मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार टीकमगढ़ के एक स्थानीय होटल में आयोजित सात दिवसीय आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम सत्र का चौथा दिन मंगलवार को संपन्न हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वयंसेवकों को प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के लिए व्यावहारिक एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है।
प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में प्रशिक्षक पीसी श्री अमित दुबे ने निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार आपदा मित्रों को बाढ़, भूस्खलन एवं अतिवृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण, उनके प्रभाव, संभावित जोखिमों तथा आपदा प्रबंधन के विभिन्न उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आपदा के समय त्वरित निर्णय, समन्वय और सुरक्षित तरीके से राहत एवं बचाव कार्य करना अत्यंत आवश्यक होता है। साथ ही आपदा से पूर्व तैयारी, जोखिम कम करने के उपाय तथा समुदाय की सहभागिता के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
दोपहर बाद प्रशिक्षणार्थियों को टीकेजी वाटर पार्क ले जाया गया, जहां जिला सेनानी श्री बी.पी. नामदेव ने जल रेस्क्यू का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। स्विमिंग पूल में आयोजित इस अभ्यास के दौरान प्रतिभागियों को ड्राई रेस्क्यू, वेट रेस्क्यू, बाढ़ की स्थिति में सुरक्षित तरीके से लोगों को बाहर निकालने की तकनीक, उपलब्ध स्थानीय संसाधनों की सहायता से किए जाने वाले इम्प्रोवाइज्ड रेस्क्यू तथा सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) की विधि का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षणार्थियों ने पूरे उत्साह और सक्रियता के साथ सभी अभ्यासों में भाग लिया तथा आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित व्यावहारिक तकनीकों का अनुभव प्राप्त किया। प्रशिक्षकों ने बताया कि इस प्रकार के व्यवहारिक प्रशिक्षण से आपदा मित्र वास्तविक परिस्थितियों में अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने में सक्षम होंगे और संकट की घड़ी में लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।
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