
बीना/सागर (मनीष कुमार चौबे की रिपोर्ट): मध्य प्रदेश के सागर जिले से साइबर फ्रॉड और कथित अवैध डिजिटल लोन ऐप्स से जुड़ा एक दर्दनाक मामला सामने आया है। बीटेक अंतिम वर्ष के एक छात्र का शव बीना शहर के एक लॉज के कमरे में फंदे से लटका मिला। मृतक के परिजनों का आरोप है कि वह लंबे समय से साइबर लोन एजेंट्स की प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग का शिकार था। उनका दावा है कि छात्र को पाकिस्तान के कंट्री कोड (+92) वाले नंबरों से लगातार धमकी भरे कॉल आ रहे थे और परिवार के सदस्यों की तस्वीरों को अश्लील रूप से एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पैसों की मांग की जा रही थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और साइबर एंगल से सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान अशोकनगर जिले के औडेर गांव निवासी 21 वर्षीय अमन प्रजापति के रूप में हुई है। अमन सागर विश्वविद्यालय में बीटेक अंतिम वर्ष का छात्र था। वह 2 जुलाई से लापता था, जिसके संबंध में गोपालगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। बताया गया कि शुक्रवार शाम अमन बीना की छोटी बजरिया स्थित लक्ष्मी लॉज के कमरा नंबर-103 में ठहरा था। लॉज संचालक के मुताबिक, अमन ने रात में कर्मचारियों से कहा था कि उसे सुबह प्रयागराज जाने वाली ट्रेन पकड़नी है, इसलिए समय पर जगा दिया जाए। शनिवार सुबह जब कर्मचारी उसे जगाने पहुंचे तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर खिड़की से देखा गया, जहां अमन का शव फंदे से लटका मिला। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया और घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए गए। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है, जिसकी फोरेंसिक और साइबर जांच कराई जा रही है। मृतक के बड़े भाई सुनील प्रजापति ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अमन पिछले कुछ समय से साइबर अपराधियों की धमकियों से मानसिक रूप से परेशान था। उनके अनुसार अमन के मोबाइल फोन में ऐसे कई कॉल और संदेश मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि उसे पाकिस्तान के कंट्री कोड (+92) वाले नंबरों से लगातार संपर्क किया जा रहा था। परिजनों का आरोप है कि कथित साइबर अपराधी परिवार के सदस्यों की तस्वीरों को मॉर्फ कर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पैसों की उगाही कर रहे थे। उनका कहना है कि अमन ने इस मानसिक दबाव के बारे में परिवार को कभी खुलकर नहीं बताया और अकेले ही इस तनाव का सामना करता रहा।
इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। 7 जुलाई को अमन के बड़े भाई सुनील की शादी होनी थी और घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। परिजनों के अनुसार जहां घर में खुशियों का माहौल था, वहीं अमन की मौत की खबर ने पूरे परिवार को शोक में डुबो दिया। शादी वाले घर की रौनक देखते ही देखते मातम में बदल गई। मामले में छोटी बजरिया चौकी प्रभारी आर.के. जोरम ने बताया कि मृतक का मोबाइल जब्त कर लिया गया है। साइबर विशेषज्ञों की सहायता से फोन का लॉक खुलवाकर कॉल डिटेल, व्हाट्सएप चैट, डिजिटल लोन ऐप्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को भी जांच में शामिल किया गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित धमकी भरे कॉल वास्तव में किन नंबरों से किए गए, उनका स्रोत क्या है और क्या इस मामले में किसी संगठित साइबर फ्रॉड गिरोह की भूमिका है।
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