
सागर/मनीष कुमार चौबे की रिपोर्ट: प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध सेवा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सागर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कलेक्ट्रेट की नकल शाखा एवं अभिलेखागार (रिकॉर्ड रूम) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यों में गंभीर लापरवाही, लंबित प्रकरणों की बड़ी संख्या और रिकॉर्ड प्रबंधन में अनियमितताएं सामने आने पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने मौके पर ही सहायक ग्रेड-3 सुधीर शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर प्रतिभा पाल ने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही के कारण जनता को अनावश्यक परेशानी होती है तो उसके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने नकल शाखा में लंबित आवेदनों और समय-सीमा (टीएल) से बाहर हो चुके प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन कर्मचारियों या अधिकारियों के स्तर पर फाइलें अनावश्यक रूप से लंबित हैं, उनकी अलग सूची तैयार की जाए। ऐसे सभी मामलों की जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रिकॉर्ड प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए कलेक्टर ने सभी शाखाओं में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड के रख-रखाव, आवेदन प्राप्ति, निस्तारण और दस्तावेजों के संधारण की स्पष्ट प्रक्रिया तैयार की जाए, ताकि कार्यप्रणाली में एकरूपता बनी रहे और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए रोस्टर व्यवस्था लागू करने के निर्देश भी दिए। इस व्यवस्था के तहत प्रत्येक कर्मचारी को सौंपे गए कार्य और उसे पूरा करने की समय-सीमा स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाएगी, जिससे किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
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नकल शाखा और लोक सेवा केंद्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए कलेक्टर ने नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। अब लोक सेवा केंद्र (एलएसके) का ऑपरेटर या रनर प्रतिदिन अनिवार्य रूप से नकल शाखा में उपस्थित रहेगा। उसे अपनी दैनिक उपस्थिति दर्ज करने के साथ-साथ प्राप्त होने वाले नए आवेदनों और लंबित प्रकरणों का पूरा विवरण एक निर्धारित रजिस्टर में दर्ज करना होगा। इससे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी और लंबित मामलों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकेगा।
अभिलेखागार का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने कहा कि रिकॉर्ड प्रबंधन किसी भी प्रशासनिक व्यवस्था की आधारशिला है। उन्होंने निर्देश दिए कि नकल शाखा, लोक सेवा केंद्र और अभिलेखागार में प्राप्त होने वाले प्रत्येक आवेदन का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। नागरिकों को अपने दस्तावेजों की प्रतिलिपि या अन्य सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने के लिए सभी शाखाओं में नियमित समीक्षा और निरीक्षण जारी रहेगा। उन्होंने कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। औचक निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट गगन बिसेन, एसडीएम अमन मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्थाओं के लागू होने से रिकॉर्ड प्रबंधन में सुधार होगा और आम नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना आसान होगा।
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