
सागर: मुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान को और तेज कर दिया है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय NCORD (नार्को समन्वय समिति) बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने साफ कहा कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जिले में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में निर्देश दिए गए कि स्वास्थ्य विभाग और औषधि निरीक्षक जिले के सभी संदिग्ध मेडिकल स्टोर्स और स्टॉकिस्टों की जांच कर सूची तैयार करें। बिना वैध डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन के नशीली दवाओं की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं, साथ ही सभी दुकानों को स्टॉक और बिक्री का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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ग्रामीण क्षेत्रों में नशे की रोकथाम के लिए गांजे की अवैध खेती पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने राजस्व और पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से ऐसे मामलों की पहचान कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने को कहा है।
युवाओं को नशे से बचाने के लिए शिक्षा संस्थानों में विशेष पहल की जा रही है, जिसके तहत हर स्कूल और कॉलेज में काउंसलिंग कक्ष स्थापित किए जाएंगे। शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे नशे की गिरफ्त में आए छात्रों की पहचान कर सकें और उन्हें सही दिशा में लाया जा सके। इसके अलावा जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में 6-6 बेड के विशेष वार्ड बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इस बैठक में पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने कहा कि नशा मुक्त समाज बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विभागों को मिलकर इसकी सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ना होगा।
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