
सार
भोपाल/ आदि मिश्रा: सागर जहरीली शराबकांड को लेकर मध्य प्रदेश में सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सिंघार ने बालाघाट, छिंदवाड़ा, इंदौर और मुरैना के बाद अब सागर में हुई मौतों को लेकर सरकार को घेरा।
विस्तार
उमंग सिंघार ने सवाल उठाया कि जब इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो रही है तो विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस के नेता मौके पर क्यों नहीं पहुंचे? उन्होंने सागर एसपी अनुराग सुजानिया के शराब कनेक्शन पर भी सवाल खड़े किए और अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सागर में पहुंची जहरीली शराब मध्य प्रदेश से ही आई थी। उन्होंने आशंका जताई कि इस पूरे मामले में आबकारी विभाग के अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। सिंघार ने सरकार से मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने के साथ-साथ मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।
देवड़ा का पलटवार
वहीं कांग्रेस के आरोपों पर आबकारी मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने पलटवार किया। देवड़ा ने कांग्रेस पर जहरीली शराब से हुई मौतों पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
देवड़ा ने स्पष्ट कहा कि कार्रवाई में किसी तरह का भेदभाव नहीं होगा। छोटा हो या बड़ा अधिकारी, यदि कोई भी इस मामले में लिप्त पाया गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की कार्रवाई जाति या धर्म देखकर नहीं होती, बल्कि दोषियों के खिलाफ नियम के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
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