
सागर: शहर के नए आरटीओ कार्यालय के पास रविवार को स्व-सहायता समूह की सैकड़ों महिलाएं अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आईं। महिलाओं ने पोषण आहार संयंत्र को निजी ठेकेदारों को सौंपे जाने के फैसले का विरोध करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि पोषण आहार संयंत्र पिछले तीन महीनों से बंद पड़ा है, जिससे 100 से अधिक परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इस संयंत्र से जुड़ी महिलाएं अब बेरोजगारी और आर्थिक तंगी का सामना कर रही हैं।महिलाओं ने आरोप लगाया कि जब तक संयंत्र शासकीय अनुबंध के तहत संचालित हो रहा था, तब तक सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा था, लेकिन निजीकरण और ठेकेदारों के हस्तक्षेप के बाद हालात बिगड़ गए।
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प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने मांग की कि पोषण आहार संयंत्र को पूरी तरह शासन के नियंत्रण में संचालित किया जाए। साथ ही रुकी हुई तनख्वाह का भुगतान किया जाए और भविष्य में समय पर वेतन सुनिश्चित किया जाए। महिलाओं ने संयंत्र प्रबंधन में निजी ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने की भी मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कई परिवारों का चूल्हा इसी संयंत्र की आय से चलता था, लेकिन काम बंद होने से बच्चों की पढ़ाई और घर खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।
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