
सागर/ मनीष कुमार चौबे: शहर की 186 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक एवं धार्मिक परंपरा सार्वजनिक तिसाला बड़ी पूजा रथ यात्रा का आयोजन आज 31 जुलाई को किया जाएगा। दोपहर 1 बजे रथ यात्रा शीतला माता मंदिर, भीतर बाजार से प्रारंभ होकर निर्धारित मार्ग से होते हुए सेमरा गांव पहुंचेगी, जहां धार्मिक विधि विधान के साथ रथ का विसर्जन किया जाएगा।
विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालु रथ का स्वागत
आयोजन समिति के अनुसार रथ यात्रा शीतला माता मंदिर से निकलकर चूना डांट, नमक मंडी, कटरा मस्जिद, राधा तिराहा और पुरानी सदर मार्ग से गुजरेगी। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालु रथ का स्वागत करेंगे और प्रसादी का वितरण किया जाएगा।
विशेष आकर्षण का केंद्र
रथ यात्रा में अखाड़े, बैंड पार्टियां, हाथी घोड़े, रमतुला दल, दलदल घोड़ी, भजन मंडलियां तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियां प्रमुख आकर्षण रहेंगी। श्रीराम अखाड़ा के नन्हे कलाकार हैरतअंगेज करतब दिखाएंगे, जबकि लड़कियों का डमरू दल और शेर नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे।
आयोजन समिति ने बताया कि रथ यात्रा से पहले 20 से 30 जुलाई तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। इस दौरान सप्तधारा, विशेष भोग, भीखी, बिसौला, रात्रि जागरण तथा महिलाओं द्वारा भजन कीर्तन जैसे धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए।
समिति के सदस्यों ने बताया कि इस वर्ष अष्टकुंडीय रथ का भव्य मखमली गुंबद विशेष आकर्षण रहेगा। रथ निर्माण में उपयोग की गई सामग्री अहमदाबाद, दिल्ली और इंदौर से मंगाई गई है।
1,100 पौधों का वितरण
तिसाला बड़ी पूजा की इस प्राचीन परंपरा की एक विशेषता रथ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का नींबू से उतारा करना भी है, जिसे शुभ और मंगलकारी माना जाता है। आयोजन समिति के अनुसार इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से रथ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के बीच 1,100 पौधों का वितरण भी किया जाएगा।
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