
बुरहानपुर।राजू सिंह राठौड़| जिले के ग्राम साजनी में बारिश के चलते श्मशान घाट तक पहुंचने का रास्ता ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। कच्चा मार्ग कीचड़ और गड्ढों से भरा है। वहीं डेम क्षेत्र में बने श्मशान घाट के आसपास दो से तीन फीट तक पानी जमा है। बारिश बढ़ने पर जलस्तर और बढ़ जाता है। ऐसे हालात में अंतिम यात्रा तक जोखिम भरी हो गई है।
श्मशान घाट तक पहुंचने में ग्रामीणों को हो रही परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के दिनों में श्मशान घाट तक पहुंचने वाला रास्ता बेहद खराब हो जाता है। कीचड़ और गड्ढों के कारण पैदल चलना भी मुश्किल होता है। श्मशान घाट के चारों ओर पानी भर जाने से अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीण विनोद कुमार, जितेंद्र, जवारकर, उमेश और संजू ने बताया कि हर साल बारिश के मौसम में यही स्थिति बनती है। उनका कहना है कि पंचायत के सरपंच और सचिव को समस्या की जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
अंतिम संस्कार की लकड़ी लेकर पहुंची पिकअप पानी में फंसी
बारिश के कारण बदहाल व्यवस्था की तस्वीर उस समय सामने आई, जब अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी लेकर पहुंची पिकअप के चारों पहिए पानी में धंस गए। ग्रामीणों ने किसी तरह लकड़ी को श्मशान घाट तक पहुंचाया।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में श्मशान घाट के आसपास करीब दो से तीन फीट पानी जमा है। तेज बारिश के दौरान पानी का स्तर चार फीट या उससे अधिक होने की स्थिति बन जाती है। इससे शव को अंतिम संस्कार स्थल तक ले जाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
वर्षों पुरानी समस्या, ग्रामीणों ने मांगा स्थायी समाधान
ग्रामीणों ने प्रशासन से श्मशान घाट और वहां तक पहुंचने वाले रास्ते का तत्काल निरीक्षण कराने की मांग की है। उन्होंने पक्का और सुरक्षित मार्ग बनाने के साथ जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि डेम क्षेत्र में स्थित श्मशान घाट की जगह का पुनर्विचार किया जाना चाहिए। ऐसी जगह पर स्थायी व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है, जहां बारिश या डेम का पानी जमा न हो।
अब प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद
ग्रामीणों का कहना है कि अंतिम यात्रा जैसे संवेदनशील समय में लोगों को कीचड़, पानी और दुर्घटना के खतरे से जूझना नहीं चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर तत्काल अस्थायी राहत और स्थायी समाधान की दिशा में कार्रवाई करने की मांग की है।
अब देखना होगा कि वर्षों पुरानी इस समस्या को लेकर प्रशासन कब तक कदम उठाता है और साजनी के ग्रामीणों को श्मशान घाट तक सुरक्षित पहुंच की सुविधा कब मिलती है।
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