
लखीमपुर खीरी: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह बुधवार को नीट परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्र रितिक मिश्रा के परिजनों से मिलने उनके पैतृक गांव हसनपुर कटौली पहुंचे। इस दौरान उन्होंने छात्र की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे आत्महत्या नहीं बल्कि व्यवस्था की विफलता से हुई हत्या बताया। उन्होंने परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया और कहा कि इस मामले को संसद में भी उठाया जाएगा।
गौरतलब है कि ईसानगर थाना क्षेत्र के हसनपुर कटौली गांव निवासी 21 वर्षीय रितिक मिश्रा ने 14 मई को अपने दूसरे घर गंगोत्री नगर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों के अनुसार रितिक इस बार नीट परीक्षा को लेकर काफी आश्वस्त था और उसे उम्मीद थी कि वह परीक्षा में सफल होकर डॉक्टर बनने का अपना सपना पूरा करेगा। लेकिन परीक्षा रद्द होने की खबर मिलने के बाद वह गहरे मानसिक तनाव और निराशा में चला गया। इसी तनाव के बीच उसने अपने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। रितिक के घर पहुंचे संजय सिंह ने परिजनों से मुलाकात की और छात्र के पिता अनूप मिश्रा को ढांढस बंधाया। इस दौरान परिवार का दुख देखकर माहौल भावुक हो गया। बातचीत के दौरान अनूप मिश्रा की आंखें नम हो गईं, जिस पर संजय सिंह ने उन्हें सांत्वना देते हुए भरोसा दिलाया कि वह इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे और दोषियों को जवाबदेह बनाने की मांग करेंगे।
मीडिया से बातचीत में संजय सिंह ने कहा कि रितिक पहले भी दो बार नीट परीक्षा दे चुका था और इस बार उसने पूरी मेहनत और लगन के साथ तैयारी की थी। परीक्षा देने के बाद उसे सफलता की पूरी उम्मीद थी, लेकिन पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की घटना ने उसके सपनों को तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि एक प्रतिभाशाली और मेहनती छात्र की जिंदगी इस वजह से खत्म हो गई, इसलिए इसे केवल आत्महत्या कहना उचित नहीं होगा। यह व्यवस्था की नाकामी का परिणाम है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा। संजय सिंह ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती हैं। रितिक की मौत इस बात का दुखद उदाहरण है कि ऐसी घटनाओं का मानसिक प्रभाव छात्रों पर कितना गंभीर हो सकता है। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को संसद में उठाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।
इस दौरान उन्होंने रितिक मिश्रा की स्मृति में छात्रवृत्ति योजना शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा। उनका कहना था कि यदि रितिक के नाम से छात्रवृत्ति योजना शुरू की जाती है तो आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को पढ़ाई में मदद मिल सकेगी और डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले कई युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से रितिक के अधूरे सपने को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। संजय सिंह के दौरे को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क रहा। उनके आगमन की सूचना मिलने पर छात्र के घर के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि परिजनों से मुलाकात करने में किसी प्रकार की रोक-टोक नहीं की गई। मुलाकात के दौरान स्थानीय लोग और परिजन भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
रितिक मिश्रा की मौत के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है और परिजन अब भी इस सदमे से उबर नहीं पाए हैं। वहीं संजय सिंह के दौरे के बाद एक बार फिर परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और छात्रों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को लेकर बहस तेज हो गई है।
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