
सतना। भारत भूषण तिवारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सिटी की 17 दुकान में सिंडिकेट लगाकर उन्हें शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा था, ठेकेदार और आबकारी विभाग के दबाव में ना आने के कारण उसकी दुकान सील कर दी गई है, जबकि माधवगढ़ में भी पंचायत के अंदर दुकान चल रही है, उसको सील नहीं किया गया। साथ ही उन्होने यह भी बताया कि मजबूरी में उन्हें सड़क के किनारे टेंट लगाकर सरकार की शराब बेचना पड़ रहा है, वही कुछ ठेकदारों ने आबकारी विभाग के कई इंस्पेक्टर पर भी इन सिटी के 17 दुकानों में सहभागिता का आरोप भी लगाया हैँ। आबकारी विभाग द्वारा सतना नदी के पास स्थित शराब दुकान को सील किए जाने के कुछ ही दिन बाद ठेकेदार ने नया रास्ता निकाल लिया। अब वे रोड पर टेंट लगाकर खुलेआम शराब की बिक्री करने कों मजबूर हैँ।
क्या है पूरा मामला
आबकारी विभाग द्वारा सतना नदी के पास संचालित शराब दुकान को नियम विरुद्ध बताकर सील कर दिया गया।
ठेकेदार का सनसनीखेज आरोप
दुकान सील होने वाले ठेकेदार का आरोप है कि “सिटी की 17 दुकानों के ठेकेदारों ने सिंडिकेट बनाकर उसके खिलाफ साजिश रची। सिंडिकेट के इशारे पर ही आबकारी विभाग ने उसकी दुकान को टारगेट कर सील करने की कार्रवाई की, ताकि कंपटीशन खत्म हो जाए।
सिंडिकेट पर उठे सवाल
ठेकेदार ने आरोप लगाते हुए कहा कि, “मेरी दुकान पर रेट कम थे, इसलिए 17 दुकानों का सिंडिकेट नहीं चाहता था कि मैं कमाई करुं, उन्होने आबकारी के अफसरों से मिलीभगत कर मुझे बाहर कर दिया। अब मजबूरी में टेंट लगाकर बेच रहा हूं।”
आबकारी विभाग की चुप्पी पर सवाल
टेंट के नीचे अवैध बिक्री को लेकर जब जिला आबकारी अधिकारी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि “मामला संज्ञान में है, जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।” वहीं टेंट लगाकर शराब बेचने पर कोई लाइसेंस है या नहीं, इस पर विभाग ने चुप्पी साध ली।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
रहवासियों का कहना है कि टेंट वाली दुकान से दिन-रात हुड़दंग होता है। महिलाएं निकलने से कतराती हैं।
इस पूरे मामले ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और शराब सिंडिकेट पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब ये है कि विभाग टेंट वाली ‘अवैध दुकान’ पर कार्रवाई करता है या फिर सिंडिकेट के आरोपियों की जांच होती है।
ब्युरो रिपोर्ट : देवेश शर्मा
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