
सेवढ़ा/संतोष चंसौलिया की रिपोर्ट: नगर में आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर शुरू हुई काम बंद हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। अखिल भारतीय वाल्मीकि समाज विकास परिषद के तत्वावधान में कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों के काम पर नहीं लौटने से सेवढ़ा नगर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। मुख्य बाजार, प्रमुख मार्गों और विभिन्न बस्तियों में जगह-जगह कचरे के ढेर जमा होने से दुकानदारों, राहगीरों और रहवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग
हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों ने ठेका प्रथा समाप्त करने और आउटसोर्स व्यवस्था में कर्मचारियों के साथ हो रहे कथित शोषण को बंद करने की मांग उठाई है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों का समाधान नहीं होने के कारण उन्हें काम बंद हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में श्रम विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन लागू करना, पढ़े-लिखे कर्मचारियों को 15 प्रतिशत आरक्षण के तहत कार्यालयीन कार्य देना, कर्मचारियों को सीधे निकाय से जोड़ना और बकाया ईपीएफ का भुगतान कराना शामिल है।
न्यूनतम वेतन और समय पर भुगतान की मांग
कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें श्रम विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन के अनुसार भुगतान किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि आउटसोर्स व्यवस्था में काम करने वाले कर्मचारियों को उनकी मेहनत के अनुरूप सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। कर्मचारी वेतन, ईपीएफ और अन्य अधिकारों को लेकर स्पष्ट व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं।
शिक्षित कर्मचारियों को ऑफिस वर्क देने की मांग
कर्मचारियों ने शिक्षित सफाई कर्मचारियों को 15 प्रतिशत आरक्षण के अनुसार कार्यालयीन कार्य देने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता का उपयोग कार्यालयीन कार्यों में किया जाना चाहिए। इसके अलावा कर्मचारियों को ठेकेदार के माध्यम से काम कराने के बजाय सीधे संबंधित निकाय से जोड़ने की मांग भी की जा रही है।
बकाया ईपीएफ भुगतान की मांग
आंदोलन कर रहे कर्मचारियों की एक प्रमुख मांग बकाया ईपीएफ का भुगतान कराने की है। कर्मचारियों का कहना है कि ईपीएफ उनके भविष्य की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है और लंबित राशि का भुगतान कराया जाना चाहिए।
हड़ताल से सफाई व्यवस्था प्रभावित
तीन दिनों से सफाई और कचरा उठाव प्रभावित होने के कारण नगर के मुख्य बाजार सहित विभिन्न क्षेत्रों में कचरे के ढेर दिखाई दे रहे हैं। सड़क किनारे और दुकानों के आसपास कचरा जमा होने से दुर्गंध फैलने लगी है। बाजार में आने वाले ग्राहकों और राहगीरों को भी गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि दुकानों के आसपास लंबे समय तक कचरा पड़ा रहने से कारोबार प्रभावित हो रहा है और ग्राहकों को भी परेशानी हो रही है।
बस्तियों में भी बढ़ी गंदगी
सफाई व्यवस्था प्रभावित होने का असर नगर की विभिन्न बस्तियों और रहवासी क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है। गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी बढ़ती जा रही है। रहवासियों का कहना है कि यदि हड़ताल जल्द समाप्त नहीं हुई तो आने वाले दिनों में कचरे की समस्या और गंभीर हो सकती है।
प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती
एक ओर सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, वहीं दूसरी ओर नगर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से आम जनता परेशान है। ऐसे में प्रशासन के सामने कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी मांगों का समाधान निकालने के साथ-साथ नगर की सफाई व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने की चुनौती है। नगरवासियों का कहना है कि प्रशासन और कर्मचारियों के बीच जल्द बातचीत होनी चाहिए, ताकि मांगों पर सहमति बन सके और सफाई व्यवस्था भी बहाल हो। सेवढ़ा में तीसरे दिन भी काम बंद हड़ताल जारी है। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं, जबकि नगरवासी सफाई व्यवस्था सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। अब प्रशासन की पहल और कर्मचारियों से होने वाली बातचीत पर सभी की नजर है।
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