
सेवढ़ा, जिला दतिया (संतोष चंसौलिया की रिपोर्ट) : शासकीय गोविंद महाविद्यालय, सेवढ़ा में विद्यार्थियों को कानून, उनके अधिकारों, कर्तव्यों और वर्तमान समय में सामने आने वाली कानूनी चुनौतियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “छात्र विमर्श : वर्तमान परिवेश में छात्रों की विधि में भूमिका” रखा गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार व्यास ने की। मुख्य अतिथि के रूप में उच्च न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर के शासकीय अधिवक्ता डॉ. विक्रम पिप्पल उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में शासकीय अधिवक्ता श्री भरत सिंह परमार, शासकीय अधिवक्ता श्री राजेंद्र सिंह गुर्जर, सेवढ़ा अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री मुकेश सिंह यादव और अधिवक्ता श्री हरनारायण अहिरवार शामिल रहे।
कानूनी अधिकारों की जानकारी होना जरूरी
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. विक्रम पिप्पल ने विद्यार्थियों को कानून की उपयोगिता और उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने घरेलू हिंसा, साइबर क्राइम, ऑनलाइन अपराध, व्यक्तिगत अधिकार, कानूनी संरक्षण और संकट की परिस्थितियों में कानूनी सहायता प्राप्त करने के उपायों पर सरल भाषा में जानकारी साझा की।
उन्होंने कहा कि आज के समय में प्रत्येक विद्यार्थी को अपने मूलभूत कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी होना जरूरी है। कानून की जानकारी केवल अधिवक्ताओं या न्यायालयों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक के सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी कानूनी समस्या की स्थिति में घबराने के बजाय उचित कानूनी सलाह और सहायता लेने की अपील की।
विद्यार्थियों ने पूछे सवाल
संगोष्ठी के दौरान छात्र-छात्राओं ने अपनी जिज्ञासाओं और समस्याओं से जुड़े सवाल अतिथियों के सामने रखे। अतिथियों ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का सरल भाषा में जवाब देते हुए उन्हें आवश्यक कानूनी मार्गदर्शन प्रदान किया। इसके बाद शासकीय अधिवक्ता श्री भरत सिंह परमार ने कानून के सामान्य नियम-कायदों और उनके व्यवहारिक जीवन में उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कानून की बुनियादी जानकारी विद्यार्थियों को अपने अधिकारों की रक्षा करने के साथ जिम्मेदार नागरिक बनने में भी मदद करती है। शासकीय अधिवक्ता श्री राजेंद्र सिंह गुर्जर ने दैनिक जीवन में कानून और नियमों की उपयोगिता पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कानूनी जागरूकता ही कई समस्याओं से बचने का प्रभावी माध्यम है।
घरेलू हिंसा के कानूनी प्रावधानों पर चर्चा
सेवढ़ा अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री मुकेश सिंह यादव ने घरेलू हिंसा से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने घरेलू हिंसा के विभिन्न स्वरूपों, पीड़ितों के कानूनी अधिकारों और उपलब्ध कानूनी उपायों के बारे में विद्यार्थियों को बताया। अधिवक्ता श्री हरनारायण अहिरवार ने भी विद्यार्थियों को कानून के प्रति जागरूक करते हुए महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
कविता के जरिए प्राचार्य ने समझाए कानून
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार व्यास का उद्बोधन रहा। उन्होंने कानून, नियम-कायदे, विद्यार्थियों के अधिकार एवं कर्तव्य और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर विषयों को कविता के माध्यम से सरल, रोचक और प्रभावशाली अंदाज में विद्यार्थियों के सामने रखा। कानून जैसे गंभीर विषय को काव्यात्मक शैली में प्रस्तुत किए जाने पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। अतिथियों, विद्यार्थियों और प्राध्यापकों ने प्राचार्य की इस रचनात्मक प्रस्तुति की सराहना की। मुख्य अतिथि डॉ. विक्रम पिप्पल सहित अन्य अतिथियों ने भी कठिन विषयों को कविता और रचनात्मक माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुंचाने की इस पहल की प्रशंसा की।
महाविद्यालय की रचनात्मक गतिविधियों की सराहना
कार्यक्रम में अतिथियों ने महाविद्यालय की शैक्षणिक और रचनात्मक गतिविधियों की भी सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों के हित में किए जा रहे विभिन्न नवाचारों, पूर्व में आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों और प्राचार्य द्वारा लिखी एवं प्रदर्शित की गई कविताओं का उल्लेख करते हुए महाविद्यालय के प्रयासों को सकारात्मक बताया। अतिथियों ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को सामाजिक, कानूनी और मानवीय विषयों के प्रति जागरूक करना भी आवश्यक है।
आगे भी होंगे जागरूकता कार्यक्रम
प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार व्यास ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित ज्ञान देना पर्याप्त नहीं है। उन्हें वास्तविक जीवन की परिस्थितियों का सामना करने के लिए सामाजिक, कानूनी और व्यावहारिक ज्ञान से भी परिचित कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना महाविद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है।
भविष्य में भी विद्यार्थियों के हित में कानूनी जागरूकता, सामाजिक सरोकार और व्यक्तित्व विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रतिभा सिंह गुर्जर, संस्कृत विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय की ओर से छात्र-छात्राओं के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई। संगोष्ठी में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और प्राध्यापकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने अधिकारों, कर्तव्यों और कानूनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
ये भी पढ़े – सेवढ़ा में तीसरे दिन भी सफाई कर्मचारियों की काम बंद हड़ताल जारी, जगह-जगह कचरे के ढेर से बिगड़ी व्यवस्था
- sewdha-government-college-student-legal-awareness-seminar-rights-duties-datia










