
बुरहानपु: ग्राम गंभीरपुरा में स्थित शिवा बाबा मंदिर ट्रस्ट के बारे में एक विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने ट्रस्ट को भंग करने की मांग की है और प्रशासन के समक्ष कई गंभीर आरोप लगाए हैं। यह मामला अब जनसुनवाई तक पहुंच गया है और क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि ट्रस्ट के अध्यक्ष रूप सिंह पवार पिछले तीस वर्षों से लगातार पद पर बने हुए हैं और ट्रस्ट में अपने परिवार के सदस्यों को ही शामिल कर रखा है। इससे ट्रस्ट में पारदर्शिता की कमी हो गई है और गांव के अन्य लोगों को ट्रस्ट से दूर रखा जा रहा है।ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि मंदिर की आय को लेकर अनियमितताएं हो रही हैं। उनके अनुसार, मंदिर को हर साल लगभग चालीस लाख रुपये की आय होती है, लेकिन इसका पूरा हिसाब सार्वजनिक नहीं किया जाता। मेले के दौरान दान पेटियों से निकली राशि का भी पूरा लेखा-जोखा सामने नहीं आया है।
इसके अलावा, ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जीवित बकरों के दान के समय रसीदें तो काटी जाती हैं, लेकिन उसका स्पष्ट हिसाब उपलब्ध नहीं कराया जाता। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार जांच और ट्रस्ट को भंग करने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ट्रस्ट अध्यक्ष रूप सिंह पवार ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि दान पेटियां पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में खोली गई थीं और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही। उन्होंने दावा किया है कि नारियल और अन्य दान का हिसाब तैयार कर संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया है।
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