
उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों ने अब रफ्तार पकड़ ली है। इसी बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में विभिन्न अखाड़ों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मतभेद खत्म होने की खबर सामने आई है। संत समाज और अखाड़ों ने एकजुट होकर सिंहस्थ 2028 को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने का संकल्प लिया है। इसे आगामी आयोजन की दृष्टि से बड़ा सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
एक मंच पर आए अखाड़े
बताया जा रहा है कि सिंहस्थ की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठकों में अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने आपसी समन्वय और सहयोग पर जोर दिया। संतों का कहना है कि धार्मिक आयोजन की गरिमा बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी अखाड़े मिलकर काम करेंगे।
महाकाल की नगरी में तेज हुए विकास कार्य
सिंहस्थ 2028 को देखते हुए उज्जैन में सड़क, घाट, यातायात, पेयजल, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य तय समयसीमा के भीतर सभी प्रमुख परियोजनाओं को पूरा करना है, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
भव्य आयोजन की तैयारी
सिंहस्थ 2028 के दौरान देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन, संत समाज और विभिन्न अखाड़े मिलकर आयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दिव्य बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक परंपराओं के साथ आधुनिक व्यवस्थाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।
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