
भिंड/रामपाल कुशवाह की रिपोर्ट: मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार भिंड जिले में परक्राम्य लिखत अधिनियम (एनआई एक्ट) की धारा 138 के तहत चेक अनादरण (चेक बाउंस) से संबंधित मामलों के निराकरण के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के.एस. बारिया के निर्देशन तथा सचिव अनुभूति गुप्ता के मार्गदर्शन में जिला मुख्यालय भिंड सहित मेहगांव, गोहद और लहार न्यायालयों में संपन्न हुआ।
विशेष लोक अदालत के सफल संचालन के लिए जिले में कुल 8 खंडपीठों का गठन किया गया। इनमें जिला मुख्यालय भिंड में तीन, मेहगांव में दो, गोहद में दो तथा लहार में एक खंडपीठ बनाई गई। लोक अदालत के दौरान धारा 138 एनआई एक्ट के तहत लंबित 35 प्रकरणों का आपसी समझौते के माध्यम से निराकरण किया गया। इन मामलों में कुल ₹11,82,42,379 की समझौता राशि पर सहमति बनी, जिससे पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली।
इसी क्रम में जिला न्यायालय भिंड की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की खंडपीठ क्रमांक-3 के समक्ष लंबित एक प्रकरण में भी समझौता हुआ। शैलेन्द्र सिंह बनाम भूपेन्द्र सिंह (प्रकरण क्रमांक 50/2025) में 91 हजार रुपये के विवादित चेक से संबंधित मामले का दोनों पक्षों की सहमति से राजीनामा कराया गया। इसके बाद न्यायालय ने प्रकरण की कार्यवाही समाप्त कर दी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि विशेष लोक अदालत का उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित, सरल और सौहार्दपूर्ण समाधान कर न्याय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है। अधिकारियों ने नागरिकों से भी ऐसे मामलों में आपसी समझौते के माध्यम से विवाद समाप्त करने की अपील की।
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