
सागर/ मनीष कुमार चौबे: विद्यार्थियों को कानून, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, यातायात नियम, नागरिक दायित्व और पुलिस की कार्यप्रणाली के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सागर पुलिस की ओर से संचालित ‘सृजन संवाद योजना’ के तहत तृतीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को पुलिस कंट्रोल रूम, डायल 112, सीसीटीवी नेटवर्क और वायरलेस संचार सहित आधुनिक पुलिसिंग की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। योजना के नोडल अधिकारी नरेंद्र सोलंकी कार्यक्रम का समन्वय कर रहे हैं।
करीब 100 छात्राओं ने किया पुलिस कंट्रोल रूम का भ्रमण
सांदीपनी स्कूल की करीब 100 छात्राओं और शिक्षक स्टाफ ने पुलिस कंट्रोल रूम सागर का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान महिला थाना प्रभारी संतोषी कनासिया और प्रभारी रेडियो निरीक्षक सचिन नागरे भी मौजूद रहे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया ने छात्राओं को कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली, डायल 112, सीसीटीवी नेटवर्क, वायरलेस संचार और पुलिस की विभिन्न इकाइयों के बीच होने वाले समन्वय की जानकारी सरल एवं रोचक तरीके से दी।
एक सूचना कैसे सक्रिय करती है पूरी पुलिस व्यवस्था
भदौरिया ने छात्राओं को बताया कि पुलिस व्यवस्था सिपाही से लेकर थाना प्रभारी, एसडीओपी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक तक एक संगठित नेटवर्क के रूप में काम करती है। डायल-112 पर प्राप्त सूचना कम्युनिकेशन नेटवर्क के माध्यम से तत्काल संबंधित पुलिस टीम तक पहुंचती है और सहायता के लिए टीम सक्रिय हो जाती है।
संचार व्यवस्था का महत्व समझाते हुए उन्होंने उदाहरण दिया कि जिस तरह मानव शरीर में नसें और तंत्रिकाएं एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक संदेश पहुंचाकर शरीर को प्रतिक्रिया करने में सक्षम बनाती हैं, उसी तरह पुलिस व्यवस्था में कम्युनिकेशन सूचना को सही स्थान तक पहुंचाकर त्वरित पुलिस कार्रवाई को संभव बनाता है।
डायल 112 और सीसीटीवी नेटवर्क की दी जानकारी
छात्राओं को डायल 112 में इवेंट प्राप्त होने से लेकर उसके एक्नॉलेजमेंट, एफआरवी के रवाना होने और घटनास्थल तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया समझाई गई। इसके साथ ही सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए शहर की निगरानी और विभिन्न घटनाओं की जांच में फुटेज की उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी गई।
छात्राओं के सवालों के दिए व्यवहारिक जवाब
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसे केवल एकतरफा व्याख्यान तक सीमित नहीं रखा गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया ने छात्राओं से संवाद करते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
छात्राओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली, साइबर अपराध, डायल 112, सीसीटीवी और पुलिस नेटवर्क से जुड़े कई सवाल पूछे। भदौरिया ने दैनिक जीवन के उदाहरणों के जरिए उनके सवालों के सरल और व्यवहारिक जवाब दिए।
छात्राओं ने संवाद की इस शैली को पुलिस की कार्यप्रणाली समझने का ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी अनुभव बताया।
पुलिस और नई पीढ़ी के बीच विश्वास का सेतु
‘सृजन संवाद योजना’ के माध्यम से सागर पुलिस का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुलिस की कार्यप्रणाली के प्रति जागरूक करने के साथ उनमें सुरक्षा, कानून के प्रति सम्मान, आत्मविश्वास और नागरिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
योजना के तहत विद्यार्थियों को पुलिस थानों और विभिन्न पुलिस इकाइयों का शैक्षणिक भ्रमण कराया जा रहा है। साथ ही उन्हें कानून, महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, यातायात नियम और नागरिक दायित्वों से संबंधित जानकारी भी दी जा रही है।
‘सृजन संवाद योजना’ 5 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक संचालित की जा रही है।
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