
शिवपुरी/ कुलदीप शर्मा: जिले के पिछोर क्षेत्र में शासकीय भूमि पर बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित किए जाने का एक और मामला सामने आया है। इस बार खोड़ रोड से वाचरौन गांव जाने वाले मार्ग पर स्थित वाचरौन चौराहे के पास स्वामी ब्रह्मानंद की प्रतिमा स्थापित किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान जारी नहीं किया गया है।
रातों रात प्रतिमा स्थापित होने की चर्चा
स्थानीय लोगों के अनुसार, वाचरौन चौराहे के समीप शासकीय भूमि पर रातों-रात स्वामी ब्रह्मानंद की प्रतिमा स्थापित कर दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में इसकी चर्चा शुरू हो गई।
अनुमति और कानूनी प्रक्रिया को लेकर सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शासकीय भूमि पर किसी भी महापुरुष की प्रतिमा स्थापित करने के लिए संबंधित प्रशासन से अनुमति और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन आवश्यक होता है। ऐसे में बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित होने की घटना प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े करती है।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं बढ़ सकती हैं। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले पिछोर क्षेत्र के गजोरा गांव में भी शासकीय भूमि पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किए जाने का मामला सामने आया था, जिसे लेकर विवाद की स्थिति बनी थी।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर प्रतिमा स्थापना की वैधानिक स्थिति स्पष्ट करते हैं या नहीं।
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- Statue Installed on Government Land at Vacharoun Chowk, Questions Raised Over Permission








