
छतरपुर| जिले में गेहूं उपार्जन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। छतरपुर गेहूं उपार्जन सख्ती के तहत कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने रगौली और गुलगंज केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण में सामने आईं खामियां
निरीक्षण के दौरान रगौली उपार्जन केंद्र पर व्यवस्थाओं में गंभीर कमी पाई गई। निर्धारित छह तौल कांटों की जगह केवल तीन ही उपलब्ध थे और मॉइस्चर मीटर भी खराब मिला। इसके अलावा खरीदे गए गेहूं के सैंपल भी केंद्र पर नहीं पाए गए, जो नियमों का उल्लंघन है। अधिकारियों ने मौके पर ही संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि एफएक्यू मानकों के अनुसार ही गेहूं की खरीदी की जाए। इसके लिए छन्ना लगाकर और नमी जांच मशीन से जांच अनिवार्य करने को कहा गया।
गुलगंज केंद्र पर एक वाहन में समान आकार की बोरियां मिलीं, जिससे व्यापारी के गेहूं होने का संदेह हुआ। किसान मौके पर मौजूद नहीं था और बोरियां ढकी हुई थीं। इस पर एसडीएम और तहसीलदार को जांच के निर्देश दिए गए।
किसानों को मिलेगी बेहतर सुविधा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने किसानों के लिए सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया। पेयजल, छाया और बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही समय पर तौल और भुगतान की प्रक्रिया को सुचारू रखने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि उपार्जन कार्य में पारदर्शिता बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों की आड़ में व्यापारियों द्वारा गेहूं बेचने की कोशिशों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
छतरपुर में गेहूं उपार्जन को लेकर प्रशासन की सख्ती यह दर्शाती है कि अब व्यवस्था में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इससे जहां किसानों को सही मूल्य मिलेगा, वहीं अनियमितताओं पर भी अंकुश लगेगा।
ब्यूरो रिपोर्ट: अमित कुमारयह भी पढ़े: सागर विश्वविद्यालय में टेनिस कोर्ट का लोकार्पण, खिलाड़ियों को नई सुविधा
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