
टीकमगढ़/ धर्मेंद्र सिंह लोधी: बम्हौरी कला थाना क्षेत्र के 17 ग्रामीणों ने एक निजी मल्टीस्टेट को ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी के एजेंट पर उनकी मेहनत की कमाई की लाखों रुपये की रकम कंपनी में जमा नहीं करने और कथित तौर पर हड़पने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और अपनी जमा राशि वापस दिलाने की मांग की है। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अधिक ब्याज का झांसा देकर जमा कराई रकम
शिकायत के अनुसार, खरगापुर क्षेत्र में संचालित श्री स्वामी विवेकानंद मल्टीस्टेट को ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी लिमिटेड के लिए बम्हौरी कला निवासी अंकुश अहिरवार एजेंट के तौर पर काम करता था। ग्रामीणों का आरोप है कि एजेंट ने अधिक ब्याज मिलने का भरोसा देकर उनसे प्रतिदिन और मासिक किस्तों के रूप में अलग-अलग रकम जमा कराई।
शिकायत में 50, 100, 200 और 1000 रुपये सहित अलग-अलग राशि जमा कराने तथा कुछ ग्रामीणों की एफडी कराए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
रकम वापस मांगने पर खुला मामला
ग्रामीणों का कहना है कि जब जमा राशि की अवधि पूरी हुई और उन्होंने अपना पैसा वापस मांगा तो उन्हें बताया गया कि कंपनी अपना काम बंद कर फरार हो गई है। इसके बाद ग्रामीणों ने अपनी जमा रकम और कंपनी के खातों से संबंधित जानकारी जुटाने की कोशिश की।
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इसी दौरान उन्हें पता चला कि उनके द्वारा एजेंट को दी गई रकम कंपनी के खाते में जमा ही नहीं की गई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने एजेंट से अपनी रकम वापस मांगी।
गाली गलौज और झूठे केस में फंसाने की धमकी का आरोप
ग्रामीणों ने शिकायत में आरोप लगाया है कि रकम वापस मांगने पर कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज की गई। साथ ही हरिजन एक्ट और छेड़छाड़ जैसे मामलों में झूठा फंसाने की धमकी देने का भी दावा किया गया है। एजेंट के पिता पर भी धमकी देने के आरोप शिकायत में लगाए गए हैं।
ग्रामीणों ने अपनी शिकायत के साथ जमा राशि से संबंधित दस्तावेज, एफडी की छायाप्रतियां, कथित हस्तलिखित प्रविष्टियां और अन्य कागजात भी संलग्न किए हैं। उनका कहना है कि इससे पहले बम्हौरी कला थाने में भी शिकायत की गई थी और एनसीआर की प्रति भी एसपी को दिए आवेदन के साथ लगाई गई है।
मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी शिकायत
17 ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर कथित रूप से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने और उनकी मेहनत की कमाई वापस दिलाने की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, पुलिस महानिरीक्षक सागर संभाग, पुलिस उपमहानिरीक्षक छतरपुर और कलेक्टर टीकमगढ़ को भी भेजे जाने की बात कही गई है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जाफिर शरीफ, शेख गोलू, प्रमोद चित्रकार, कैलाश, इसीता, फातिमा, शालू, मुस्ताक, सोनू, रीना, रम्बा, दीपक, मनोज कुमार, रमेश, नाजमीन, शेख शरीफ और प्रमोद सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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