
टीकमगढ़।धर्मेंद्र सिंह लोधी| जिले के जसवंत नगर गांव में परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत जैविक खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पंजीकृत 94 किसानों ने हिस्सा लिया। किसानों को जैविक खेती की तकनीक, जैविक खाद बनाने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और प्राकृतिक तरीके से कीट नियंत्रण की जानकारी दी गई। इस दौरान ग्रामीणों ने हर घर एक गाय पालने और जैविक खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
जैविक खेती की तकनीकों की दी जानकारी
कार्यक्रम कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के निर्देशन और उप संचालक कृषि मनोज कश्यप के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कैलाश प्रसाद अहिरवार की मौजूदगी में पतंजलि ऑर्गेनिक रिसर्च इंस्टीट्यूट हरिद्वार के जिला प्रभारी मुन्नीलाल यादव सहित अन्य प्रशिक्षकों ने किसानों को जैविक खेती से जुड़ी उपयोगी जानकारी दी।
प्रशिक्षक मुन्नीलाल यादव ने जैविक खाद और कृषि आदान तैयार करने की तकनीक बताई। उन्होंने किसानों से घर में उत्पादित जैविक सब्जियों, देशी गाय के दूध और जैविक अनाज का उपयोग करने पर जोर दिया।
प्रमाणीकरण और कीट प्रबंधन की जानकारी
दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट के स्टेट कोऑर्डिनेटर भुनेश्वर राय ने जैविक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया और किसानों की आवश्यक गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने खेतों का सत्यापन भी किया।
मंगल सिंह ठाकुर ने किसानों को घन जीवामृत तैयार करने की विधि समझाई। राम मिलन यादव ने जैविक खेती में कीट प्रबंधन के उपाय बताए और रासायनिक खाद के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी। एलआरपी लखन लाल यादव ने खेतों का निरीक्षण कर जैविक खेती के प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी की।
हर घर एक गाय पालने का लिया संकल्प
प्रशिक्षण के दौरान किसानों ने पूरे गांव में हर घर एक गाय पालने और जैविक खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। किसानों को मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने तथा सुरक्षित कृषि उत्पाद तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया।
यह भी पढ़े: मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर पर रोक, सीएम मोहन यादव का बड़ा फैसला
- tikamgarh-jaswant-nagar-94-farmers-organic-farming-training-cow-rearing








