
टीकमगढ़। धर्मेंद्र सिंह लोधी | मध्यप्रदेश लोकायुक्त पुलिस, सागर ने शुक्रवार को टीकमगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सीएमएचओ कार्यालय में अटैच एमपीडब्ल्यू (पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता) देशराज घोष को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पर कंप्यूटर ऑपरेटर की भर्ती कराने के नाम पर 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है।
भर्ती कराने के नाम पर मांगी थी रिश्वत
लोकायुक्त के अनुसार, छतरपुर निवासी अरविंद सिंह राजपूत (23) ने 28 जुलाई 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वह अपने मित्र नरेंद्र राजपूत के साथ जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ में कंप्यूटर ऑपरेटर भर्ती की जानकारी लेने पहुंचे थे। इसी दौरान एमपीडब्ल्यू देशराज घोष ने कथित तौर पर नौकरी लगवाने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
10 हजार रुपये लेते ही दबोचा
शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने 31 जुलाई को ट्रैप की कार्रवाई की। तय योजना के तहत शिकायतकर्ता ने पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये दिए। जैसे ही देशराज घोष ने राशि स्वीकार की, लोकायुक्त टीम ने उन्हें कलेक्ट्रेट उप डाकघर, टीकमगढ़ के सामने रंगे हाथ पकड़ लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
आरोपी देशराज घोष (55) वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव में एमपीडब्ल्यू के पद पर पदस्थ हैं और सीएमएचओ कार्यालय टीकमगढ़ की आवक-जावक शाखा में अटैच थे। लोकायुक्त पुलिस ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
डीएसपी कमल सिंह उइके के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई। ट्रैप टीम का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक कमल सिंह उइके ने किया। टीम में निरीक्षक मंजू किरण तिर्की सहित लोकायुक्त पुलिस सागर के अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
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