
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने अपने सभी सांसदों की दिल्ली में आपात बैठक बुलाई है। पार्टी नेतृत्व ने सभी सांसदों को तत्काल बैठक में शामिल होने के निर्देश दिए हैं। यह बैठक ऐसे समय में बुलाई गई है जब राजनीतिक गलियारों में पार्टी के कुछ सांसदों के बागी होने की चर्चाएं तेज हैं और विपक्षी दल लगातार राजनीतिक जोड़-तोड़ के आरोप लगा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार राजनीतिक हलकों में दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 9 सांसदों में से 6 सांसद नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे हैं। हालांकि इस संबंध में किसी सांसद ने सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। इसके बावजूद दिल्ली में बुलाई गई बैठक को संगठनात्मक एकजुटता और संभावित राजनीतिक संकट से निपटने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व सांसदों के साथ मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा कर आगे की रणनीति तय कर सकता है।
इस बीच शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता Sanjay Raut ने बड़ा आरोप लगाया है। राउत का दावा है कि पार्टी के सांसदों को पक्ष बदलने के लिए ₹50-50 करोड़ तक के प्रस्ताव दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त की कोशिशें बेहद चिंताजनक हैं और ऐसे प्रयासों का खुलासा होना चाहिए। हालांकि इन आरोपों को लेकर अभी तक किसी स्वतंत्र एजेंसी या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी संसद सत्र और महाराष्ट्र की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए यह घटनाक्रम काफी महत्वपूर्ण हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों में शिवसेना में हुए विभाजन के बाद राज्य की राजनीति लगातार अस्थिरता और नए समीकरणों के दौर से गुजर रही है। ऐसे में दिल्ली में होने वाली यह बैठक पार्टी के भविष्य और संगठनात्मक मजबूती के लिहाज से अहम मानी जा रही है। अब सभी की निगाहें इस बैठक के नतीजों और पार्टी नेतृत्व के अगले कदमों पर टिकी हुई हैं।
- uddhav-shiv-sena-calls-mps-meeting-in-delhi-amid-rebellion-claims







