
उमरिया/राकेश दर्दवंशी: उमरिया जिले में शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। जिलेभर से बड़ी संख्या में शिक्षक जिला मुख्यालय पहुंचे और “शिक्षक स्वाभिमान रैली” निकालकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। रैली की शुरुआत शहर के प्रमुख स्थान से हुई, जहां से शिक्षक हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे।
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पूरे रास्ते शिक्षकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और उन्होंने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार से जल्द समाधान की मांग की। इस रैली का नेतृत्व संयुक्त अध्यापक संघ के पदाधिकारियों ने किया। शिक्षकों का कहना था कि बार-बार टीईटी (Teacher Eligibility Test) की अनिवार्यता उनके साथ अन्याय है, इसलिए इसे तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाना चाहिए।
इसके अलावा शिक्षकों ने मांग की कि उनकी सेवा अवधि की गणना नियुक्ति तिथि से की जाए और प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू किया जाए। रैली के बाद शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों का विस्तार से उल्लेख किया। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि रैली शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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