
वॉशिंगटन, डीसी: अमेरिकी सरकार ने ईरान के साथ हालिया संघर्ष और घोषित सीज़फ़ायर को लेकर बड़ा बयान दिया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान ने युद्धविराम (सीज़फ़ायर) के लिए खुद पहल की और यह अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त सैन्य अभियान “ऑपरेशन एपिक फ़्यूरी” की बड़ी जीत का परिणाम है।
“ईरान ने सीज़फ़ायर की भीख मांगी” – हेगसेथ
मीडिया ब्रीफिंग में हेगसेथ ने कहा, – “ईरान ने इस सीज़फ़ायर की भीख मांगी थी और यह सब जानते हैं। ऑपरेशन एपिक फ़्यूरी युद्ध के मैदान में एक ऐतिहासिक और ज़बरदस्त जीत है।” उन्होंने दावा किया कि इस सैन्य अभियान ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाया है और आने वाले कई वर्षों तक उसकी युद्ध क्षमता कमजोर हो जाएगी।
क्या है ‘ऑपरेशन एपिक फ़्यूरी’
अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के खिलाफ फरवरी 2026 में संयुक्त सैन्य अभियान “Operation Epic Fury” शुरू किया था। इस अभियान के तहत ईरान के मिसाइल ठिकानों, नौसैनिक क्षमताओं और सैन्य ढांचे को निशाना बनाया गया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार इस दौरान हजारों सैन्य ठिकानों और रणनीतिक लक्ष्यों पर हमले किए गए।
15 दिन का अस्थायी युद्धविराम
हालिया घटनाक्रम में अमेरिका और ईरान के बीच लगभग दो सप्ताह (करीब 15 दिन) के अस्थायी सीज़फ़ायर पर सहमति बनी है। यह समझौता क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने और आगे की वार्ता के लिए समय देने के उद्देश्य से किया गया है।
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