
कुशीनगर: जनपद के खड्डा क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय हालात में कूड़ा प्रबंधन प्रणाली (MRF सिस्टम) पूरी तरह से प्रभावित नजर आ रही है, जिससे शहर का कूड़ा सड़कों के किनारे खुलेआम डंप और जलाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, शहर से निकलने वाला कचरा निर्धारित प्रोसेसिंग के बजाय सीधे खुले स्थानों पर फेंका जा रहा है, जिससे लगातार धुआं और दुर्गंध फैल रही है। कूड़े में आग लगाने की वजह से वातावरण में जहरीली गैसें और अधिक फैल रही हैं, जिससे लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों की परेशानी
राहगीरों, दुकानदारों और आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि धुएं और प्रदूषण के कारण सांस लेना मुश्किल हो रहा है। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है।
व्यवस्था पर सवाल
स्थानीय स्तर पर कूड़ा प्रबंधन प्रणाली सिस्टम को लेकर दावा तो किया गया था, लेकिन जमीन पर स्थिति इसके विपरीत बताई जा रही है। लोगों का आरोप है कि कचरा प्रबंधन केवल कागजों तक सीमित रह गया है।
प्रशासन पर नाराजगी
ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। कचरे को जलाने की प्रक्रिया पर भी रोक नहीं लग पा रही है।लगातार बढ़ते प्रदूषण और कचरा जलाने की घटनाओं से क्षेत्र में स्वच्छता अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। लोग जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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