खजुराहो: विश्व धरोहर मंदिरों के बीच निर्माण कार्य से उठे गंभीर सवाल

मध्य प्रदेश के खजुराहो में स्थित प्राचीन और विश्व धरोहर के रूप में प्रसिद्ध मंदिरों के बीच पक्की सड़क के निर्माण को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आ रही हैं। इस निर्माण कार्य में भारी मशीनों और हजारों किलो वजनी रोलर का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में कंपन महसूस किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां नाजुक पत्थर संरचनाओं को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

निर्माण कार्य के लक्ष्य और पर्यटकों के साथ भेदभाव

जानकारी के अनुसार, चौसठ योगिनी मंदिर से लेकर पश्चिमी समूह तक वीवीआईपी वाहनों के लिए यह सड़क बनाई जा रही है। वहीं, आम पर्यटकों के लिए खजुराहो में सख्त नियम लागू होते हैं और उनके साथ कड़ी जांच की जाती है। इस बीच, निर्माण कार्य को लेकर दोहरे मापदंडों के आरोप भी सामने आ रहे हैं।

जिम्मेदार अधिकारियों की प्रतिक्रिया

जब इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो जबलपुर स्थित पुरातत्व विभाग के सुपरिंटेंडेंट शिवकांत बाजपेयी से कई बार फोन पर संपर्क किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। खजुराहो में पदस्थ कंजर्वेशन असिस्टेंट दिशांत को भी कई बार कॉल किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

 

सांसद वी. डी. शर्मा के संसदीय क्षेत्र का मामला

यह मामला खजुराहो सांसद वी. डी. शर्मा के संसदीय क्षेत्र का है। अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर प्रशासन और जनप्रतिनिधि क्या कदम उठाते हैं।

फिलहाल, इस पूरे मामले ने खजुराहो की ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा को लेकर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर इसके समाधान की आवश्यकता है, ताकि हमारी सांस्कृतिक धरोहर संरक्षित रह सके।

ये भा पढ़े – खजुराहो: बागेश्वर धाम में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर भव्य कन्या पूजन

  • khajuraho-world-heritage-temples-construction-concerns
  • Brandwaani Desk

    Brandwaani Desk

    10+ वर्षों का अनुभव। हर दिन, पल-पल की खबरों के साथ। निष्पक्ष व भरोसेमंद रिपोर्टिंग, हर खबर की गहराई तक पहुँचने का प्रयास। सच्ची पत्रकारिता, आपके भरोसे के साथ।

    Related Posts

    जबेरा: खेरे धाम में नवरात्रि के बाद भी जारी आस्था का महोत्सव; 1100 मंगल कलशों के साथ श्रद्धालुओं की लगी भीड़

    दमोह/जबेरा: चैत्र नवरात्रि भले ही समाप्त हो गई हो, लेकिन जनपद पंचायत जबेरा के ग्राम सगोड़ी…

    आगे पढ़ें
    अनूपपुर: अवैध खनन से आदिवासी समुदाय प्रभावित; जीवन और आजीविका पर संकट

    अनूपपुर: एमपी–छत्तीसगढ़ सीमा के वन क्षेत्रों में चल रहे अवैध खनन और स्टोन क्रेशर गतिविधियों से…

    आगे पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    धर्मांतरण के खिलाफ केंद्र में बने कड़ा कानून: राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी की मांग

    धर्मांतरण के खिलाफ केंद्र में बने कड़ा कानून: राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी की मांग

    उज्जैन में 3-5 अप्रैल 2026 को होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ – मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मोहन यादव भी होंगे शामिल

    उज्जैन में 3-5 अप्रैल 2026 को होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ – मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मोहन यादव भी होंगे शामिल

    ₹20,000 करोड़ MFI क्रेडिट गारंटी योजना का असर: NBFC-MFI सेक्टर को राहत या सीमित फायदा?

    ₹20,000 करोड़ MFI क्रेडिट गारंटी योजना का असर: NBFC-MFI सेक्टर को राहत या सीमित फायदा?

    बंगाल का रण और चुनाव आयोग के फैसले: क्या अधिकारियों के तबादले तय करेंगे सत्ता का भविष्य?

    बंगाल का रण और चुनाव आयोग के फैसले: क्या अधिकारियों के तबादले तय करेंगे सत्ता का भविष्य?

    राजनीति के ‘शिखर’ और जनसेवा के ‘पर्याय’: क्या अपनों की ही घेराबंदी का शिकार हो रहे हैं जननायक संजय पाठक?

    राजनीति के ‘शिखर’ और जनसेवा के ‘पर्याय’: क्या अपनों की ही घेराबंदी का शिकार हो रहे हैं जननायक संजय पाठक?