
भोपाल/सागर: मध्यप्रदेश के अध्यापक और शिक्षक संवर्ग ने लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का एलान कर दिया है। भर्ती के वर्षों बाद आयोजित की जा रही शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को ‘अव्यवहारिक’ बताते हुए और प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता की गणना की मांग को लेकर ‘अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा’ ने प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन का शंखनाद किया है।
भोपाल में बनी आंदोलन की रणनीति
संभागीय संयोजक सागर ने बताया कि 29 मार्च 2026 को भोपाल के गांधी भवन में प्रदेश के सभी प्रमुख शिक्षक संगठनों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न शिक्षक संघों के अध्यक्ष और पदाधिकारी मौजूद थे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में शिक्षकों का पक्ष मजबूती से रखे और पुरानी सेवा गणना को बहाल करे।
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आंदोलन का शेड्यूल
संयुक्त मोर्चा ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए तीन चरणों में आंदोलन का कार्यक्रम तैयार किया है। प्रथम चरण 8 अप्रैल 2026 को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर विशाल धरना प्रदर्शन होगा। द्वितीय चरण 11 अप्रैल को ब्लॉक स्तर पर धरना और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दिया जाएगा। तीसरा और अंतिम चरण 18 अप्रैल को राजधानी भोपाल में राज्य स्तरीय विशाल सामूहिक धरना और शक्ति प्रदर्शन के रूप में आयोजित होगा।
संगठन और नेता
बैठक में भरत पटेल (आजाद अध्यापक शिक्षक संघ), शिल्पी सिवान (आजाद अध्यापक संघ), मनोहर दूबे (प्रांतीय शिक्षक संघ), जगदीश यादव (राज्य शिक्षक संघ), राकेश दूबे (शासकीय शिक्षक संगठन), परमानंद डेहरिया (NMOPS) और डीके सिंगोर (ट्रायबल वेलफेयर एसोसिएशन) सहित सैकड़ों पदाधिकारी शामिल रहे। सागर संभाग से राममिलन मिश्रा, मनोज नेमा, बलवंत यादव, राकेश राजपूत और धर्मेंद्र दुबे ने रणनीति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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