
कागज़ों में ‘आयुष्मान’, ज़मीन पर बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था!
शहडोल के कनाड़ी खुर्द उप स्वास्थ्य केंद्र की खुली पोल, सोमवार को भी ग्रुप-डी कर्मचारी नदारद
*रिपोर्टर :- *जियाउद्दीन अंसारी*
संभागीय ब्यूरो चीफ शहडोल(म. प्र.)
जन सरोवर प्राइम पत्रिका*
शहडोल (मध्य प्रदेश)। सरकार ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के दावे करती है, लेकिन शहडोल जिले के कनाड़ी खुर्द स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आती है।
सोमवार जैसे कार्यदिवस पर स्वास्थ्य केंद्र में ग्रुप-डी कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिला। परिसर में चारों ओर गंदगी का अंबार दिखाई दिया, जिसे देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो स्वास्थ्य केंद्र की नियमित साफ-सफाई लंबे समय से नहीं हुई हो। केंद्र की स्थिति ऐसी थी कि पहली नजर में ऐसा महसूस होता है जैसे यहां वर्षों से ताला ही नहीं खुला हो।
मौके पर मौजूद एएनएम ने बताया कि ग्रुप-डी कर्मचारी ने अपनी अनुपस्थिति की कोई सूचना उन्हें नहीं दी है। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र की साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी तरह प्रभावित होती दिखाई दीं।
ग्रामीणों का कहना है कि जब स्वास्थ्य केंद्रों की यही स्थिति रहेगी, तो आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं कैसे मिलेंगी? स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई करने तथा स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस लापरवाही पर क्या कदम उठाता है या फिर सरकारी योजनाओं के दावे केवल कागज़ों तक ही सीमित रहेंगे।
- कागज़ों में 'आयुष्मान', ज़मीन पर बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था!








