
लेंसकार्ट एक बड़े विवाद के चलते सुर्खियों में आ गया है। लेंसकार्ट को महंगा पड़ा बिंदी, तिलक विवाद कंपनी की कथित ड्रेस कोड पॉलिसी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। विवाद के बीच शेयर बाजार में भी असर दिखा और कंपनी के शेयरों में करीब 4% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे मार्केट वैल्यू में बड़ा नुकसान बताया जा रहा है।
क्या है पूरा ड्रेस कोड विवाद?
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक दस्तावेज में कंपनी की ड्रेस कोड पॉलिसी को लेकर कई दावे किए गए। बताया गया कि इस पॉलिसी में कुछ धार्मिक प्रतीकों जैसे बिंदी, तिलक और कलावा पर प्रतिबंध का उल्लेख था, जबकि अन्य चीजों को अनुमति दी गई थी। हालांकि, इस दस्तावेज की सत्यता को लेकर कंपनी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे स्थिति और अधिक अस्पष्ट बनी हुई है।
शेयर बाजार में दिखा असर
ड्रेस कोड विवाद के बाद निवेशकों की प्रतिक्रिया भी सामने आई। बाजार में तेजी के बावजूद कंपनी के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ी। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी ब्रांड की छवि पर विवाद का असर सीधे उसके बाजार प्रदर्शन पर पड़ सकता है।
सोशल मीडिया पर बढ़ी बहस
इस मुद्दे ने सोशल मीडिया पर बड़ी बहस को जन्म दिया है। लोग कंपनी की नीतियों और धार्मिक भावनाओं के सम्मान को लेकर अलग-अलग राय दे रहे हैं। वहीं, कुछ लोग इसे गलतफहमी या अधूरी जानकारी का मामला भी बता रहे हैं।
लेंसकार्ट से जुड़ा यह विवाद केवल एक कंपनी की पॉलिसी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक और व्यावसायिक बहस का विषय बन गया है।
यह भी पढ़े: लेंसकार्ट शोरूम के बाहर विरोध प्रदर्शन, तिलक-बिंदी विवाद पर हंगामा
- lenskart-dress-code-controversy










