‘शराबी’ माताओं पर धीरेंद्र शास्त्री का विवादित बयान; छिड़ी नई बहस

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार उन्होंने समाज के एक संवेदनशील मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए बहस को जन्म दे दिया है। अपने हालिया संबोधन में उन्होंने कहा कि बड़े और संपन्न परिवारों में कुछ महिलाएं शराब का सेवन कर रही हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि घर की माताएं ही इस तरह की आदतों में लिप्त होंगी, तो बच्चों को संस्कार कैसे मिलेंगे।

शास्त्री ने अपने बयान में यह भी कहा कि परिवार और समाज में बच्चों के पालन-पोषण में माता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में अगर जीवनशैली में अनुशासन की कमी होगी, तो इसका असर आने वाली पीढ़ी पर भी पड़ सकता है। हालांकि उनके इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे समाज में नैतिकता और पारिवारिक मूल्यों की चिंता के रूप में देख रहे हैं, तो वहीं कई लोगों का मानना है कि इस तरह के सामान्यीकरण से एक वर्ग विशेष को निशाना बनाया जा रहा है।

यह पहली बार नहीं है जब धीरेंद्र शास्त्री के किसी बयान ने चर्चा छेड़ी हो। उनके बयान अक्सर सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर बहस का कारण बनते रहे हैं। फिलहाल, इस ताजा टिप्पणी के बाद भी सोशल मीडिया और जनमानस में इस विषय को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

ब्यूरो रिपोर्ट: राजकुमार बजाज

यह भी पढ़े: इंदौर हत्याकांड में आरोपी पत्नी को मिली जमानत, मामले में नया मोड़

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Srota Swati Tripathy

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