
खरगोन/ आदित्य शंकर तिवारी: मध्य प्रदेश के खरगोन जिला और धार्मिक नगरी महेश्वर में मां नर्मदा के पावन तट पर आयोजित ‘गोदा ते नर्मदा’ पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी जलयात्रा-2026 का भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में शामिल होकर यात्रा को भारतीय संस्कृति, जल संरक्षण और सामाजिक जागरूकता से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान बताया।
जलयात्रा महाराष्ट्र से प्रारंभ होकर महेश्वर पहुंची
यह जलयात्रा महाराष्ट्र से प्रारंभ होकर विभिन्न स्थानों से गुजरते हुए महेश्वर पहुंची। यात्रा का उद्देश्य नदियों के संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
समापन समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत समाज, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
मां नर्मदा नदी नहीं, प्रदेश की आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार हैं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मां नर्मदा केवल एक नदी नहीं बल्कि प्रदेश की आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार हैं। उन्होंने पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को याद करते हुए कहा कि महेश्वर की धरती आज भी उनकी लोकसेवा और सांस्कृतिक विरासत की गवाह है।
जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का संदेश
कार्यक्रम के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और नर्मदा पूजन भी किया गया। आयोजन में शामिल लोगों ने जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का संदेश देते हुए नदियों को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लिया।
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