
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए महिला आरक्षण, कानून व्यवस्था और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी महिला आरक्षण को लेकर गंभीर नहीं है और इसे केवल राजनीतिक लाभ के रूप में इस्तेमाल कर रही है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार वास्तव में महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति संवेदनशील होती, तो अब तक इस कानून को पूरी तरह लागू किया जा चुका होता। सपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली और भाषा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक शैली लगातार बदलती रहती है, जिसे उन्होंने “परिस्थितियों के अनुसार बदलने वाली राजनीति” बताया। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को बयानबाजी के बजाय जनता के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
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अखिलेश यादव ने शिल्पा कुशवाहा हत्याकांड का मुद्दा उठाते हुए इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। साथ ही उन्होंने प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी चिंता जताई।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध के मामलों में न्याय मिलने में देरी हो रही है और कई मामलों में जांच प्रक्रिया धीमी है।
अखिलेश यादव ने कहा कि जब तक जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम नहीं करेंगी, तब तक पीड़ितों को न्याय मिलना मुश्किल रहेगा।इसके साथ ही उन्होंने महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और कहा कि जनता की मूल समस्याओं पर ध्यान देने की बजाय राजनीतिक बयानबाजी की जा रही है। इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, बीजेपी की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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