
सीहोर/नफीस खान: जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार शाम तेज आंधी के दौरान पर्यटन विभाग का क्रूज डूबने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। वहीं कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद सीहोर जिले में नर्मदा नदी पार कर रहे ग्रामीणों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सीहोर जिले के सीलकंठ और बाबरी क्षेत्र में वर्षों से ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर नाव के जरिए नर्मदा नदी पार कर रहे हैं। यहां लोग रोजमर्रा के काम, व्यापार और जरूरी कामकाज के लिए नावों का सहारा लेते हैं। कई बार नावों में मोटरसाइकिल, कार और अन्य वाहन तक लादकर नदी पार कराए जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने इस व्यवस्था को रोकने या सुरक्षित विकल्प देने के बजाय नाव संचालन का ठेका दे दिया है। पुल निर्माण नहीं होने से ग्रामीण मजबूरी में इसी खतरनाक रास्ते का उपयोग कर रहे हैं। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।नसरुल्लागंज क्षेत्र के सीलकंठ-बाबरी गांव के पास नर्मदा नदी पर पुल की मांग लंबे समय से की जा रही है। ग्रामीणों ने कई बार शिकायतें और मांग पत्र दिए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय कई नेता पुल निर्माण के वादे करते हैं, लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। यह क्षेत्र पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बुधनी विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा होने के बावजूद आज तक पुल का निर्माण नहीं हो सका।बरगी डैम हादसे के बाद अब ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन नहीं चेता, तो सीहोर जिले में भी कभी बड़ा हादसा हो सकता है।
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