
कासगंज: गंजडुंडवारा कस्बे में नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे ईंट भट्ठों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। शहर के बीचों-बीच धधक रहे इन भट्ठों से निकल रहा जहरीला धुआं अब सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रदूषण मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।
विडंबना यह है कि एक ओर पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई और भारी जुर्माना करता है, वहीं दूसरी ओर रिहायशी इलाकों के बीच चल रहे ईंट भट्ठों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भट्ठों से निकल रहा काला धुआं पूरे इलाके को प्रदूषित कर रहा है, जिससे स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
मामले में जब उपजिलाधिकारी प्रदीप कुमार विमल से सवाल किया गया तो उन्होंने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से बात की जाए। एसडीएम के इस बयान के बाद प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि भट्ठा संचालकों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें कानून और प्रशासन का कोई डर नहीं है। लोगों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदूषण और स्वास्थ्य संकट और गहरा सकता है।
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