
चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में पिछले कई दिनों से जारी अनिश्चितता और सस्पेंस का शनिवार को पूरी तरह अंत हो गया है। तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के प्रमुख और दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार विजय अब राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार हैं।
शनिवार को विजय ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की और सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत से अधिक 121 विधायकों का समर्थन पत्र सौंप दिया। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बाद अब यह लगभग साफ हो गया है कि रविवार शाम को विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की कमान संभालेंगे।
वीसीके और आईयूएमएल ने दिया TVK समर्थन
इस पूरे सत्ता संघर्ष में निर्णायक मोड़ तब आया जब वीसीके (VCK) ने आधिकारिक तौर पर टीवीके प्रमुख विजय को अपना समर्थन देने का ऐलान कर दिया। पिछले तीन दिनों से विजय 116 विधायकों के समर्थन के साथ राजभवन के चक्कर काट रहे थे, लेकिन राज्यपाल ने स्पष्ट कर दिया था कि 118 के जादुई आंकड़े के बिना उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया जा सकता। वीसीके के साथ आने और आईयूएमएल (IUML) के दो विधायकों के समर्थन के बाद विजय ने न केवल बहुमत हासिल किया, बल्कि वह 121 के सुरक्षित आंकड़े तक पहुंच गए। वीसीके अध्यक्ष थोल. थिरुमावलवन ने अपनी पार्टी की ओर से समर्थन पत्र टीवीके के महासचिव आधव अर्जुना को सौंपा, जिसके बाद विजय के नेतृत्व में नई सरकार के गठन की सभी बाधाएं दूर हो गईं।
क्या है तमिलनाडु विधानसभा का अंकगणित
विधानसभा के गणित को देखें तो 234 सदस्यीय सदन में बहुमत के लिए 118 विधायकों की आवश्यकता होती है। चुनाव परिणामों में विजय की पार्टी टीवीके को अकेले 108 सीटें मिली थीं। बहुमत के करीब पहुंचने के लिए उन्हें अन्य दलों के साथ की जरूरत थी, जिसमें कांग्रेस के 5 विधायक, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के 2, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के 2 और अब वीसीके के 2 विधायकों के जुड़ने से गठबंधन का आंकड़ा 121 तक पहुंच गया है। हालांकि विजय स्वयं दो सीटों से विधायक चुने गए हैं, इसलिए तकनीकी रूप से प्रभावी आंकड़ा 120 माना जाएगा, जो बहुमत के आंकड़े से अभी भी दो अधिक है।
राजनीतिक प्रक्रियाएं आई सामाने
इस बड़े राजनीतिक उलटफेर पर निवर्तमान मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने पूर्व सहयोगियों के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि मौजूदा राजनीतिक संकट को टालने के लिए सहयोगियों ने टीवीके को समर्थन दिया है, हालांकि वे वैचारिक रूप से अभी भी पुराने गठबंधन का हिस्सा हैं। स्टालिन ने वामपंथी दलों और वीसीके के प्रति आभार जताया लेकिन कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायकों ने गठबंधन की बदौलत जीत हासिल की लेकिन जीत के तुरंत बाद डीएमके से नाता तोड़ लिया। स्टालिन ने नई सरकार से यह भी अपेक्षा जताई है कि उनकी सरकार द्वारा शुरू की गई जनहितकारी और समृद्ध योजनाओं को भविष्य में भी जारी रखा जाएगा। फिलहाल चेन्नई में जश्न का माहौल है और शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं।
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