
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की उत्तर प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की भाषा और गणितीय क्षमता को मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। निपुण भारत मिशन के तहत प्रदेश के चयनित जिलों के एआरपी और डायट मेंटर्स का पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण 16 से 20 मई तक लखनऊ स्थित राज्य ग्राम्य विकास संस्थान में आयोजित किया जाएगा।
सरकार का फोकस अब केवल नामांकन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों की वास्तविक सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने पर भी है। इसी के तहत एफएलएन (Foundational Literacy and Numeracy) आधारित शिक्षण, गतिविधि आधारित पढ़ाई और आधुनिक कक्षा संचालन प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है।
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इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आगरा, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बरेली, बुलंदशहर, देवरिया, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, जौनपुर, लखीमपुर खीरी, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर और उन्नाव सहित कई जिलों के प्रतिभागी शामिल होंगे। निर्देशों के अनुसार प्रत्येक जनपद से चार संदर्भदाताओं का चयन किया जाएगा, जिनमें दो एसआरजी और दो डायट मेंटर्स शामिल होंगे। राज्य स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद यही संदर्भदाता अपने जिलों में शिक्षकों और शिक्षामित्रों को प्रशिक्षण देंगे।
प्रशिक्षण में हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषयों की समझ, कक्षा संचालन, गतिविधि आधारित शिक्षण और बच्चों की सीखने की गति को समझने पर विशेष जोर रहेगा। सरकार का मानना है कि प्रशिक्षित शिक्षक ही बच्चों की भाषा दक्षता, पढ़ने-समझने की क्षमता और गणितीय सोच को बेहतर ढंग से विकसित कर सकते हैं।
योगी सरकार का उद्देश्य अकादमिक मॉनिटरिंग और शिक्षक प्रशिक्षण को मजबूत कर परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार लाना है।
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