
मैहर: आजीविका मिशन के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने “मैहर डॉल्स” नाम से एक नई ब्रांड पहल शुरू करने का निर्णय लिया है। इस नवाचार के तहत उत्कृष्ट स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को इस परियोजना से जोड़ा जाएगा।
कलेक्टर मैहर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अधिकारियों और चयनित स्व-सहायता समूहों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में “मैहर डॉल्स” योजना का प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें समूहों को प्रशिक्षण, कच्चा माल, ब्रांडिंग और मार्केटिंग सहायता उपलब्ध कराने की रूपरेखा बताई गई।
कलेक्टर ने बताया कि इस पहल के तहत प्रथम चरण में 25 स्व-सहायता समूहों का चयन किया जाएगा। इन महिलाओं को एनआईडी और एनआईएफटी जैसी संस्थाओं से डॉल्स निर्माण का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे विभिन्न प्रकार की डिजाइनर और प्रोफेशनल डॉल्स तैयार कर सकें।
उन्होंने कहा कि “मैहर डॉल्स” के माध्यम से तैयार उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही इसमें फिनिशिंग, डिजाइन और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कलेक्टर ने यह भी कहा कि समूहों द्वारा तैयार उत्पादों से लागत की तुलना में 8 से 10 गुना तक लाभ अर्जित किया जा सकता है, जिससे महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
बैठक में बताया गया कि इस योजना के तहत फूल और नारियल के उपयोग से धूप एवं अगरबत्ती जैसे उत्पाद भी तैयार किए जा सकते हैं, जिससे स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत शैलेंद्र सिंह, एसडीएम, सीएमओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जनपद सीईओ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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