
गोरखपुर (15 मई): उत्तर प्रदेश के खेल और बुनियादी ढांचे के विकास को एक नई दिशा देने जा रही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का शनिवार को औपचारिक शिलान्यास किया जाएगा। गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग पर स्थित ताल नदोर क्षेत्र में बनने वाले इस स्टेडियम को प्रदेश के खेल इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। लगभग 393 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह स्टेडियम न केवल अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों की मेजबानी करेगा, बल्कि अन्य बड़े खेल आयोजनों के लिए भी एक आधुनिक मंच प्रदान करेगा।
यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में शामिल है और इसके लिए पहले ही प्रशासनिक स्तर पर भूमि चिह्नित कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। दिसंबर 2025 से निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अब औपचारिक शिलान्यास समारोह के बाद कार्य में और तेजी आने की संभावना है। प्रारंभिक चरण में सरकार की ओर से 63.39 करोड़ रुपये जारी किए गए थे, जिसके माध्यम से निर्माण कार्य आगे बढ़ रहा है। अब तक लगभग सात प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और परियोजना को दिसंबर 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
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इस भव्य शिलान्यास समारोह में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और प्रदेश के खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं और बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। गोरखपुर ग्रामीण क्षेत्र के विधायक विपिन सिंह ने इस परियोजना को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है और कहा है कि इसके बनने से गोरखपुर अंतर्राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर मजबूत पहचान बनाएगा।
स्टेडियम को आधुनिक तकनीक और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप डिजाइन किया जा रहा है। लगभग 46 एकड़ में बनने वाले इस स्टेडियम में करीब 30 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी। इसमें मुख्य मैदान पर सात पिच और चार प्रैक्टिस पिच तैयार की जाएंगी, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास सुविधाएं मिल सकें। दर्शकों के लिए पूर्वी और पश्चिमी स्टैंड में विशाल बैठने की व्यवस्था की जाएगी, जबकि वीआईपी और मीडिया के लिए अलग से अत्याधुनिक पैवेलियन बनाए जाएंगे। नाइट मैचों की सुविधा के लिए चार हाई मास्ट लाइटें भी लगाई जाएंगी।
स्टेडियम की लोकेशन को भी रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन के पास स्थित है और एयरपोर्ट से लगभग 24 किलोमीटर तथा रेलवे स्टेशन से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर है, जिससे खिलाड़ियों, दर्शकों और अधिकारियों के लिए पहुंच आसान होगी। इससे भविष्य में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन यहां आयोजित किए जा सकेंगे।
इस परियोजना की एक खास बात यह भी है कि इसके निर्माण में पेट्रोलियम कंपनियों की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) का बड़ा योगदान है। कुल 100 करोड़ रुपये की सहायता CSR फंड से दी जा रही है, जिसमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड 60 करोड़, भारत पेट्रोलियम 30 करोड़ और हिंदुस्तान पेट्रोलियम 10 करोड़ रुपये का योगदान कर रही हैं।
सरकार का मानना है कि यह स्टेडियम न केवल खेल प्रतिभाओं को नया मंच देगा, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा। आने वाले वर्षों में गोरखपुर को खेल के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में यह परियोजना एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।
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