
उमरिया/राकेश दर्दवंशी की रिपोर्ट: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पत्तौर कोर क्षेत्र में शुक्रवार को मझौली बीट के कक्ष क्रमांक आरएफ-404 में गश्ती दल को एक तेंदुआ शावक मृत अवस्था में मिला। बांस भीरे क्षेत्र से उठ रही तेज दुर्गंध के बाद वन अमला मौके पर पहुंचा, जहां करीब डेढ़ वर्षीय नर तेंदुआ का शव पड़ा मिला। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया और तत्काल उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एनटीसीए और मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक भोपाल के दिशा-निर्देशों के तहत घटनास्थल को सील कर सघन जांच शुरू की गई। डॉग स्क्वाड, मेटल डिटेक्टर और वन अमले की टीम ने इलाके की बारीकी से तलाशी ली, लेकिन मौके से कोई संदिग्ध वस्तु या शिकार के संकेत फिलहाल नहीं मिले हैं। प्रारंभिक जांच में तेंदुए के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं, जिससे फिलहाल शिकार की आशंका कम मानी जा रही है।
विशेषज्ञ वन्यजीव चिकित्सकों डॉ. राजेश तोमर और डॉ. विपिन चंद्र आदर्श ने तेंदुआ शावक का पोस्टमार्टम किया। जांच में मृत तेंदुआ नर पाया गया, जिसकी उम्र लगभग डेढ़ वर्ष बताई गई है। पोस्टमार्टम के बाद नियमानुसार शवदाह की कार्रवाई की गई। पूरी कार्रवाई क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय, वन परिक्षेत्र अधिकारी कु. अंजू वर्मा, तहसीलदार सन्नत कुमार सिंह, एनटीसीए प्रतिनिधि अक्षय दलवी, सरपंच मूलचंद्र जायसवाल एवं वन अमले की मौजूदगी में हुई।
घटनास्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई है। वन विभाग ने वन अपराध प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि तेंदुआ शावक की मौत का वास्तविक कारण विसरा और अन्य नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल जंगल में इस रहस्यमयी मौत को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है।
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