
रायसेन/ दीपक श्रीवास्तव: भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा संचालित माय भारत केंद्र रायसेन के तत्वावधान में आयोजित 5-दिवसीय ‘अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम’ के चौथे दिन युवा स्वयंसेवकों ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की जमीनी हकीकत को जाना। जिला खाद्य आपूर्ति विभाग रायसेन के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण में आज स्वयंसेवकों ने पठारी और नकतरा स्थित शासकीय उचित मूल्य की दुकान का भ्रमण किया। इस दौरान युवाओं ने जाना कि कैसे सरकारी अनाज गोदामों से निकलकर एक गरीब परिवार की थाली तक पहुँचता है।
अनाज कैसे आवंटित होता है
स्वयंसेवकों को राशन दुकान के संचालन की बारीकियों से अवगत कराया गया, जिसमें निम्नलिखित प्रक्रियाएं शामिल रहीं । युवाओं को बताया गया कि शासकीय भंडार के गोदामों से अनाज कैसे आवंटित होता है।
जेनरेशन: अनाज उठान से पहले रिलीज ऑर्डर जारी करने की तकनीकी प्रक्रिया और इसके महत्व को समझाया गया।
क्रय प्रक्रिया: सरकारी खरीद और स्टॉक रजिस्टर के रखरखाव की जानकारी दी गई।
POS मशीन की कार्यप्रणाली: बायोमेट्रिक सत्यापन और POS मशीन के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित करने का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।
वितरण का मानक: वर्तमान आवंटन नियमों के तहत 1 किलो चावल और 4 किलो गेहूं प्रति यूनिट वितरण की प्रक्रिया को स्वयंसेवकों ने लाइव देखा।
सही व्यक्ति को अनाज प्राप्त
पीडीएस प्रबंधक ने युवाओं को बताया कि पूरी प्रणाली को अब डिजिटल कर दिया गया है ताकि सही व्यक्ति को अनाज प्राप्त हो। स्वयंसेवकों ने इस दौरान उपभोक्ताओं से भी बात की और राशन वितरण में आने वाली चुनौतियों को समझा।
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